सिर्फ 10 दिन में गिर गई थी झारखंड में शिबू सोरेन की पहली सरकार, जानें कारण
Shibu Soren Death News: झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन अब हमारे बीच नहीं है लेकिन उनकी बातें और किस्से आज भी हमारे साथ हैं। पहली बार जब उन्होंने सीएम पद संभाला था तो उनकी सरकार सिर्फ 10 दिन में गिर गई थी।
- Written By: प्रीति शर्मा
झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का आज 4 अगस्त 2025 को 81 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह काफी लंबे समय से किडनी से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे। बीमारी से लंबी लड़ाई के बाद शिबू सोरेन ने दिल्ली में अपनी अंतिम सांस ली। उनका राजनीतिक सफर भी काफी दिलचस्प रहा है। वह तीन बार झारखंड के सीएम रह चुके हैं। लेकिन उनका कार्यकाल कभी पूरा नहीं हो पाया।
झारखंड के पूर्व सीएम दिशोम गुरु शिबू सोरेन तीन बार मुख्यमंत्री का पद संभाल चुके हैं। लेकिन तीनों बार ही उनकी सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई थी। पहली बार जब शिबू सोरेन झारखंड के सीएम बने तो उनकी सरकार सिर्फ 10 दिन ही चल पाई थी। इस दौरान उनके जीवन में कई राजनीतिक उठापटक चली।
झारखंड में अंधविश्वास बना मौत का कारण! तांत्रिक के कहने पर राख खा रहा था परिवार, 10 दिन में पांच की मौत
48 घंटे में 3 बच्चों की मौत! झारखंड में ब्रेन मलेरिया ने मचाया हड़कंप
रामगढ़ में बड़ा सड़क हादसा! ट्रक और पैसेंजर गाड़ी की भीषण टक्कर में ‘ताशा पार्टी’ के 7 लोगों की मौके पर मौत
विनीता सोरेन ने अदम्य साहस दिखा कर रचा इतिहास,माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई को छु कर बनी पहली आदिवासी महिला
साल 2005 फरवरी झारखंड में विधानसभा चुनाव हुए थे। इन चुनावों में किसी भी राजनीतिक पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाया। उस समय शिबू सोरेन के नेतृत्व में यूपीए गठबंधन ने बहुमत होने का दावा किया। जिसके बाद राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी ने सरकार बनाने के लिए शिबू सोरेन को आमंत्रित किया।
शिबू सोरेन ने 2 मार्च 2005 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली लेकिन उनकी पार्टी बहुमत साबित करने में असफल रही। जब 12 मार्च को उन्हें बहुमत साबित करने को कहा गया तो उन्हें 41 विधायक की जरूरत थी। लेकिन शिबू सोरेन फ्लोर टेस्ट का सामना करने में विफल रहे।
इसके बाद झारखंड में बीजेपी और उसके सहयोगी दल के साथ बहुमत का दावा करने में सफल रही। कई निर्दलीय विधायक बीजेपी के एनडीए गठबंधन में चले गए। जिसके बाद उन्होंने अपनी सरकार बनाई। शिबू सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली और उनकी सरकार 10 दिन ही चल पाई।
झारखंड में उस समय राज्यपाल पर पक्षपात करने का भी आरोप लगाया। कहा गया कि शिबू सोरेन के पास पूर्ण बहुमत नहीं था फिर भी उन्हें मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रित किया गया। इसके बाद भी शिबू सोरेन दूसरी और तीसरी बार सीएम बने लेकिन तब भी उनकी सरकार 5-5 महीने ही चल सकी।
