झारखंड में इंडिया गठबंधन को किसने दिया धोखा? राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस का बड़ा आरोप

Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद पार्टी ने राजद और भाकपा (माले) पर धोखे का आरोप लगाया। क्रॉस वोटिंग की चर्चा से राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
Jharkhand Rajya Sabha Election Cross Voting,
कांग्रेस प्रभारी के. राजू (Image- IANS)
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Congress on Jharkhand Rajya Sabha Election: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद इंडिया गठबंधन अपने दोनों उम्मीदवारों को नहीं जिता सका। चुनाव परिणामों से संकेत मिलता है कि इस चुनाव में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई, जिसका सीधा फायदा एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को मिला।

झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू ने आरोप लगाया कि राजद और भाकपा (माले) ने पार्टी को धोखा दिया, जिसकी वजह से कांग्रेस उम्मीदवार चुनाव हार गए। हालांकि, दोनों दलों की ओर से इस आरोप पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए मतदान में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतगणना में झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम को 31 वोट मिले और वे विजयी घोषित हुए।

परिमल नाथवानी को मिले 30 वोट

एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 30 वोट मिले, जिनमें दो मत अमान्य घोषित हुए। इस तरह वैध 28 वोटों के आधार पर उन्होंने जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले, जिनमें एक मत अमान्य रहा। झारखंड विधानसभा में एनडीए के पास भाजपा, आजसू, जदयू और लोजपा सहित कुल 24 विधायक हैं। इसके बावजूद नाथवानी के खाते में 30 वोट पहुंचना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि उन्हें विपक्षी खेमे से भी समर्थन मिला। दो वोट अमान्य होने के बावजूद उन्हें जीत के लिए आवश्यक 28 मत मिल गए। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जो दोनों सीटों पर जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त संख्या थी। झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार और भाकपा (माले) के दो विधायक गठबंधन के साथ हैं। इसके बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

सात विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि कम से कम सात विधायकों ने गठबंधन लाइन से अलग जाकर मतदान किया। किस दल के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नतीजों के बाद कांग्रेस ने सहयोगी दलों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर झारखंड की राजनीति में क्रॉस वोटिंग की परंपरा को रेखांकित किया है। विधानसभा में संख्या बल कम होने के बावजूद परिमल नाथवानी की जीत ने यह संकेत दिया है कि चुनावी गणित के पीछे राजनीतिक केमिस्ट्री ने अहम भूमिका निभाई। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार की हार ने इंडिया गठबंधन के भीतर समन्वय और भरोसे को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। -एजेंसी इनपुट के साथ

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