

रांची : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार, 3 नवंबर को झारखंड के बरकट्ठा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सोरेन सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार झारखंड के विकास में बाधा डाल रही है। शाह ने स्पष्ट रूप से कहा, "तुष्टीकरण में डूबी हेमंत सोरेन सरकार झारखंड का भला नहीं कर सकती।"
इस अवसर पर अमित शाह ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भी बात की, यह आरोप लगाते हुए कि झारखंड में बड़ी संख्या में घुसपैठ हो रही है। उन्होंने कहा, "हम घुसपैठियों को झारखंड की जमीन से बाहर निकालेंगे।" उनके इस बयान ने स्थानीय जनता और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
अमित शाह ने परिवर्तन का आह्वान करते हुए कहा कि झारखंड में आने वाले समय में बदलाव की आवश्यकता है। "हमें इंडी अलाइंस की सरकार को उखाड़ फेंकना है और एक बार फिर कमल खिलाना है।" शाह ने कहा कि भ्रष्ट मुख्यमंत्री को बदलना और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि सोरेन ने वादा किया था कि हर साल प्रदेश में पांच लाख युवाओं को नौकरी मिलेगी, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह इस्तीफा देंगे। उन्होंने कटाक्ष करते हुए पूछा, "क्या 25 लाख युवाओं को अब तक नौकरी मिली?"
अमित शाह का यह भाषण आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें भाजपा प्रदेश में अपनी स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का आह्वान किया।