आजाद समाज पार्टी ने झारखंड विधानसभा चुनाव में उतारे 6 उम्मीदवार, दलित वोट बैंक पर चंद्रशेखर की नजर

आजाद समाज पार्टी भी झारखंड के चुनावी समर में उतर गई है। आज एएसपी सुप्रीमों ने 6 प्रत्याशियों की घोषणा की है।
झारखंड विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी ने उम्मीदवार उतारे
चंद्र शेखर आजाद (फोटो सोर्स- नवभारत)
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रांचीः झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने कमर कस ली है। 'INDIA' और NDA गठबंधन से अलग नगीना सांसद चंद्र शेखर आजाद ने अकेले चुनाव में जाने का फैसला किया है। एसपी ने आज उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में 6 उम्मीदवारों के नाम हैं। एसपी नेता गोर्धान लिलावत ने उम्मीदवारों की सूची जारी करते जीत अग्रिम बधाई दी है।

बता दें कि आजाद समाज पार्टी को सबसे मजबूत उत्तर प्रदेश में माना जाता है, झारखंड से पहले चंद्रशेखर की पार्टी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है। हालांकि इन चुनावों आजाद समाज पार्टी को एक भी सीट पर सफलता नहीं मिली। चंद्र शेखर आजाद समाज पार्टी के इकलौते सांसद हैं।

इन सीटों पर एएसपी ने उतारे उम्मीदवार

प्रत्याशी                                                   सी

संजय रविराज                                       हजारी बाग

मुहम्मद काशिफ रजा सिद्दीकी              जमशेदपुर

मधुसूदन कुमार                                     कांके

अजय सिंह चेरो                                     डाल्टनगंज

सिराज खान                                           विश्रामपुर

प्रभा देवी-                                              हुसैनाबाद

दलित युवाओं में चंद्रशेखर की फैन फॉलोइंग

आजाद समाज पार्टी भले एक सांसद वाली पार्टी है, लेकिन चुनाव में दलित बाहुल्य सीटों पर प्रभावशाली साबित होती है। इसका सबसे बड़ा कारण चंद्र शेखर रावण हैं। चंद्र शेखर रावण दलितों के साथ अल्पसंख्यक वोटरों को लुभाने का हर संभव प्रयास अब तक करते नजर आए हैं। चंद्र शेखर ने अपने एंग्री यंगमैन अंदाज से उत्तर प्रदेश दलित युवाओं में मजबूत पकड़ बना ली है, अन्य प्रदेशों में भी इनके इस अंदाज को दलित युवा काफी पंसद करते हैं।

झारखंड में किसका नुकसान करेगी एएसपी

झारखंड जैसे आदिवासी, दलित बाहुल्य राज्य में चंद्र शेखर की पार्टी हार जीत में अहम रोल निभा सकती है। हालांकि सूबे के सियासी समीकरणों को देख कर लगता है कि 'INDIA' और NDA गठबंधन दलित और आदिवासी वोट बैंक को अपनी तरफ करने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। ऐसे में आजाद समाज पार्टी दोनों गठबंधनों के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश करेगी।

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