

Mata Vaishno Devi Landslide: जम्मू-कश्मीर के कटरा स्थित माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर अचानक हुए भारी भूस्खलन के चलते के यात्रा को रोक दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नए ताराकोट-भवन (बैटरी कार) मार्ग को अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। साथ ही बैटरी कार सेवा भी पूरी तरह स्थगित कर दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित होने और मौसम सामान्य होने के बाद ही इस मार्ग को दोबारा खोला जाएगा। भूस्खलन के बाद प्रशासन ने स्थिति का आकलन करते हुए कुछ श्रद्धालुओं को पारंपरिक पुराने मार्ग से आगे बढ़ने की अनुमति दी। कटरा पुलिस, वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर तैनात हैं और मलबा हटाने का काम लगातार जारी है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल श्राइन बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन ने बुधवार दोपहर करीब तीन बजे नए ताराकोट-भवन मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। इससे पहले मंगलवार रात करीब 10 बजे भी भूस्खलन और खराब मौसम के कारण इस मार्ग को बंद करना पड़ा था। बुधवार सुबह सफाई कार्य पूरा होने के बाद इसे फिर से खोला गया, लेकिन दोपहर में दोबारा भूस्खलन की आशंका के चलते मार्ग बंद कर दिया गया।
खराब मौसम, तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण कटरा से सांझीछत के बीच चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा पूरे दिन बंद रही। वहीं, भवन से भैरव घाटी तक संचालित रोपवे सेवा को भी कुछ घंटों के लिए रोकना पड़ा। हालांकि, शाम करीब पांच बजे मौसम में सुधार होने के बाद रोपवे सेवा दोबारा शुरू कर दी गई।
बैटरी कार और हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग, दिव्यांग और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों वाले श्रद्धालुओं को उठानी पड़ी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक मार्ग से पैदल, घोड़ों, पिट्ठू और पालकी की सहायता से भवन की ओर बढ़ते रहे। पूरे मार्ग पर माता रानी के जयकारों के बीच दर्शन का क्रम लगातार जारी रहा।
श्राइन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मौसम पूरी तरह साफ होने और ट्रैक की सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही बैटरी कार मार्ग को फिर से खोला जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, सीआरपीएफ और श्राइन बोर्ड के अधिकारी विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं। तमाम कठिनाइयों के बावजूद बुधवार शाम पांच बजे तक करीब 18 हजार श्रद्धालु पंजीकरण कराकर माता वैष्णो देवी भवन के लिए रवाना हो चुके थे।