वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, 42 मुस्लिम छात्रों के एडमिशन पर था विवाद, NMC का बड़ा एक्शन

Medical College Controversy JnK: नेशनल मेडिकल कमीशन ने जम्मू के श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी है। मानकों की कमी और एडमिशन विवाद के बीच छात्र को दूसरे कॉलेज में शिफ्ट होंगे।
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वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज, फोटो- सोशल मीडिया
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 Vaishno Devi Medical College Controversy: जम्मू के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) की मान्यता नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने वापस ले ली है। यह फैसला मेडिकल मानकों के गंभीर उल्लंघन और कॉलेज में सीटों के आवंटन को लेकर उपजे भारी राजनीतिक व सामाजिक विवाद के बाद लिया गया है।

नेशनल मेडिकल कमीशन के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने कॉलेज की मान्यता रद्द करने का कड़ा आदेश जारी किया है। आयोग ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कॉलेज में बुनियादी ढांचे, फैकल्टी और क्लिनिकल संसाधनों की भारी कमी थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, कॉलेज में टीचिंग फैकल्टी में 39% और ट्यूटर्स व रेजिडेंट डॉक्टरों के पदों पर 65% की कमी पाई गई। इसके अलावा, अस्पताल में मरीजों की संख्या और बेड ऑक्यूपेंसी भी निर्धारित मानकों से काफी कम थी; जहां 80% बेड भरे होने चाहिए थे, वहां केवल 45% ही पाए गए।

एडमिशन विवाद: 50 में से 42 मुस्लिम छात्र

यह मेडिकल कॉलेज पिछले कई महीनों से एक बड़े विवाद के केंद्र में था। विवाद तब शुरू हुआ जब शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 50 एमबीबीएस सीटों की सूची जारी की गई। इस सूची में 42 छात्र मुस्लिम समुदाय से थे, जबकि केवल 7 हिंदू और 1 सिख छात्र को जगह मिली थी। 'श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति' सहित करीब 60 हिंदू संगठनों ने इसका पुरजोर विरोध किया। संगठनों का तर्क था कि चूंकि यह कॉलेज माता वैष्णो देवी के भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान से संचालित होता है, इसलिए इसका लाभ मुख्य रूप से हिंदू समुदाय के छात्रों को मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का रुख और कॉलेज बंद करने की मांग

विवाद बढ़ता देख जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहेंगे कि बच्चे ऐसी जगह पढ़ें जहां इतनी ज्यादा राजनीति होती हो। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि इस मेडिकल कॉलेज को बंद कर देना चाहिए और छात्रों को अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाना चाहिए। हिंदू संगठनों ने भी माता वैष्णो देवी श्राइन के पैसे को व्यावसायिक संस्थानों में लगाने पर आपत्ति जताई थी, जहां छात्रों से भारी फीस ली जाती है।

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छात्रों का क्या होगा? रीलोकेशन की तैयारी

NMC ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने इस सत्र में दाखिला लिया है, उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। उन्हें जम्मू-कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में 'सुपरन्यूमेरी' सीटों पर शिफ्ट किया जाएगा,। इस रीलोकेशन की पूरी जिम्मेदारी केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य और काउंसलिंग अधिकारियों को सौंपी गई है। फिलहाल, कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों की कमी और भारी विरोध को देखते हुए मान्यता वापसी को संघर्ष समिति अपनी जीत मान रही है।

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