

Heavy Rainfall In Kashmir Causes Jhelum River To Swell: कश्मीर घाटी में पिछले छह दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सबसे ज्यादा चिंता श्रीनगर से बहने वाली झेलम नदी को लेकर है, जो इस वक्त उफान पर है और खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच चुकी है।
घाटी के विभिन्न हिस्सों में नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान को छूने वाला है। झेलम नदी के बढ़ते स्तर ने स्थानीय निवासियों और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय सावधानी बरतें। विशेष रूप से उन लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है जो नदियों और नालों के पास के इलाकों में रहते हैं।
पिछले छह दिनों की इस प्राकृतिक आपदा ने जम्मू-कश्मीर में भारी तबाही मचाई है। भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं ने राज्य के कई हिस्सों को मलबे में तब्दील कर दिया है। इन हादसों में अब तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मलबे के कारण दर्जनों घर, दुकानें और गाड़ियां दब गई हैं, जिससे संपत्ति का भी भारी नुकसान हुआ है।
बिगड़ते हालात को देखते हुए मौसम विभाग की सलाह पर प्रशासन ने सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें जमीन पर हाई अलर्ट पर हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, प्रशासन ने कश्मीर घाटी के सभी स्कूलों को 26 जुलाई तक बंद रखने का आदेश दिया है और कश्मीर यूनिवर्सिटी में होने वाली परीक्षाओं को भी फिलहाल टाल दिया गया है।
इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच तीर्थयात्रियों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है। छह दिनों के निलंबन के बाद, आज बालटाल रूट से अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू कर दी गई है। जम्मू से 6,000 श्रद्धालुओं का एक जत्था बालटाल के लिए रवाना हुआ है, जहाँ से उन्हें पवित्र गुफा की ओर जाने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, पहलगाम रूट अभी भी खराब मौसम के कारण बंद है। इसके अलावा, वैष्णो देवी यात्रा को भी फिर से सुचारू कर दिया गया है, जहाँ भक्त खराब मौसम के बावजूद भारी उत्साह के साथ दर्शन के लिए बढ़ रहे हैं।
मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत मिलने के आसार कम ही हैं। पूर्वानुमान के अनुसार, 30 जुलाई तक क्षेत्र में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वर्तमान में घाटी के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है और लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं। प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।