‘अगर हमलावर को निशाना बनाना हो तो…’ हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, सामने आई पूरी कहानी

Attack On Farooq Abdullah: फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद उन्होंने कहा कि अल्लाह के करम से मैं बच गया। इसी बीच उन्होंने सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए घटना की जांच की मांग की।
Attack On Farooq Abdullah
फारूक अबदुल्ला (सोर्स-डिजाइन इमेज)
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Farooq Abdullah Statement: जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला खुद पर हुए हमले के बाद गुरुवार को पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने मुझे बचा लिया साथ ही उन्होंने मीडिया के सामने यह भी कहा कि मेरे मन में कभी किसी के लिए कोई नफरत नहीं रही है और मेरे घर के दरवाजे तो सभी के लिए खुले रहते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि जिस युवक ने मुझ पर हमला किया, मैं उसे जानता तक नहीं हूं और आज मोबाइल में उसकी फोटो देखी। उन्होंने कहा कि आप कितनी भी सुरक्षा बढ़ा लीजिए, अगर हमलावर को लक्ष्य करना है तो वह कर ही देगा। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

फारूक अब्दुल्ला ने बताई पूरी घटना

पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से कहा कि मैं जम्मू में एक शादी में गया था। मैं कार्यक्रम में शामिल होने के बाद आयोजकों की अनुमति से घर के लिए निकलने लगा। जैसे ही मैं वेन्यू से बाहर निकला और चलने लगा तो मुझे पटाखे जैसी आवाज़ सुनाई दी। मुझे लगा कि शादी में किसी ने पटाखा फोड़ा है जैसा कि अक्सर होता है। मुझे लगा कि शायद मेरे पास कोई पटाखा फूटा हो क्योंकि मुझे थोड़ी गर्मी महसूस हुई लेकिन मुझे पता नहीं चला कि क्या हुआ था। इस दौरान उन्होंने मुझे जल्दी से कार में बिठाया। मेरे सुरक्षाकर्मी भी वहां थे। उनमें से एक ने पीछे से हमलावर का हाथ खींचने की कोशिश की जिससे उसका बैलेंस बिगड़ गया। उसकी पिस्टल ऊपर की ओर थी और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत पिस्टल पकड़े हुए हमलावर का हाथ पकड़ लिया। एक गोली चलने की आवाज मैंने भी सुनी। इसके बाद मैं घर आ गया। मैं इस आदमी को नहीं जानता और मैं इससे पहले कभी नहीं मिला हूं।

मैंने किसी के साथ कुछ गलत नहीं किया- फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे नहीं पता कि हमलावर का मकसद क्या था या क्या रंजिश थी। मैंने कभी किसी के साथ कुछ गलत नहीं किया। जो भी मेरे पास आया यहां तक ​​कि जब मैं ऑफिस में था। चाहे विपक्ष से हो या कहीं और से मैंने उन्हें ज़्यादा प्यार दिखाने की कोशिश की और उनकी समस्या दूर करने की कोशिश की। मेरे दिल में कभी किसी के लिए नफरत नहीं रही। मुझे नहीं पता कि उसे क्या दिक्कत थी या उसे क्या शिकायत थी।

केंद्र सरकार पर साधा निशाना

केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार को देखना चाहिए कि क्या यहां हालात सच में सुधरे हैं। हमारी राय अलग हो सकती है लेकिन हमें मिलकर काम करना होगा क्योंकि हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में हैं और अपनी राय रखने का अधिकारी है। एक चुनी हुई सरकार के पास पावर नहीं है तो वह ऐसे कैसे चल सकती है। हमसे वादा किया गया था कि राज्य का दर्जा वापस कर दिया जाएगा लेकिन वह दर्जा आज तक नहीं मिला।

पुलिस की व्यवस्था पर उठाए सवाल

अपनी सुरक्षा का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि आप कितनी भी सिक्योरिटी बढ़ा लें, हमलावर को हमेशा फायदा ही होता है। दिक्कत यह है कि हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां आतंकवाद आसमान पर है और हम इसे नियंत्रित नहीं कर सकते। हालांकि, आतंकवाद को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन यह खत्म नहीं हुआ है। पुलिस की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि जिस शादी में गया था वहां कई बड़ी हस्तियां मौजूद थीं लेकिन कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। अल्लाह की दया से, मेरी सिक्योरिटी मेरे साथ थी और मेरी जान बच गई।

अमित शाह ने किया फोन

पूर्व सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह फोन आया, जिन्होंने मेरा हालचाल पूछा और भरोसा दिलाया कि वे मामले की जांच करेंगे और जांच होनी चाहिए। ऐसी चीजें तब होती रहती हैं जब अब नफरत का माहौल है। कोई भी धर्म नफरत नहीं सिखाता, सिर्फ प्यार करना सिखाता है। उन्होंने कहा कि एनएसजी और राज्य के पुलिसकर्मियों ने मुझे बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। उन्होंने जो किया है, उसे बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं।

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