

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन पर लगातार खड़े हो रहे सवाल के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारुक अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी का गठबंधन कोई मजबूरी नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास और केंद्र शासित प्रदेश का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समय की मांग है।
जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में होने वाली चुनाव के लिए राजनीतिक पार्टियों ने अपनी-अपनी कमरकस ली है। जिसको लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का केंद्र शासित प्रदेश का दौरा उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा के नेताओं को पाकिस्तानी या खालिस्तानी कहते हैं।
दक्षिण कश्मीर में राहुल गांधी की चुनावी रैली में हिस्सा लेने के लिए अपने आवास से निकलते समय अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा यह (गठबंधन) कोई मजबूरी नहीं है। यह समय की मांग है। हम जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। नेकां अध्यक्ष इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या कांग्रेस के साथ गठबंधन उनकी पार्टी के लिए मजबूरी है? अबदुल्ला ने कहा कि राहुल हमारे देश के लिए एक बड़ी आवाज हैं। यह उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जिन्होंने हम पर पाकिस्तानी या खालिस्तानी होने का आरोप लगाया था। मैं आशा करता हूं कि देश के लोग समझेंगे कि हम राज्य (जम्मू और कश्मीर) को इस मुश्किल दौर से बाहर निकलना और विकास करना चाहते हैं। मैंने पहली बार देखा है कि किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदल दिया गया है। इसे बदलना चाहिए और पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए...हम यही कोशिश कर रहे हैं।
इसके साथ ही एक सवाल के जवाब में अब्दुल्ला ने कहा कि विधानसभा चुनावों से पहले नेकां को अन्य पार्टियों की तरह नेताओं की खींचतान का सामना नहीं करना पड़ा क्योंकि लोगों को एहसास हो गया है कि उनकी पार्टी कुछ अच्छा करने की स्थिति में है। पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती द्वारा नेकां के खिलाफ दिए गए बयानों पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए अब्दुल्ला ने कहा कि ‘‘वह अलग-अलग बयान देती रहती हैं।