जानिए क्या बोल कर फंस गए मंत्री किरेन रिजिजू, 60 सांसदों ने दिया विशेषाधिकार हनन नोटिस
किरेन रिजिजू ने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ पर हमला करने के लिए विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए बुधवार को कहा था कि विपक्षी सांसद सदन के सदस्य होने के योग्य नहीं हैं।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू (फाइल फोटो)
नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष ने बृहस्पतिवार को उच्च सदन में विपक्षी नेताओं के विरूद्ध कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के विरूद्ध विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया। एक सूत्र ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस नोटिस पर 60 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
घोष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल सदन में विपक्ष को संबोधित करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा कि आप सभी इस सदन में होने के योग्य नहीं हैं। संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपने सर्वोत्तम प्रयास करने की बजाय उन्होंने विपक्ष का बार बार अपमान किया।”
राज्यसभा में तृणमूल की उपनेता सागरिका घोष ने कहा-
‘‘किरेन रिजिजू ने विपक्षी सदस्यों का अपमान किया तथा संसद के भीतर एवं बाहर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। वह जिस पद पर बैठे हैं, वहां ऐसा करना सर्वथा अनुचित है तथा पद का पूरी तरह से दुरूपयोग करने के समान है।”
घोष ने कहा कि उन्होंने किरेन रिजिजू के विरूद्ध पद का दुरूपयोग करने तथा विपक्ष के विरूद्ध ‘निंदापूर्ण एवं असंसदीय भाषा’ का प्रयोग करने के कारण विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर सभी विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर हैं।
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किरेन रिजिजू ने उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ पर हमला करने के लिए विपक्षी दलों को आड़े हाथ लेते हुए बुधवार को कहा था कि विपक्षी सांसद सदन के सदस्य होने के योग्य नहीं हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था-
‘‘यदि आप आसन का सम्मान नहीं कर सकते तो आपको इस सदन का सदस्य होने का अधिकार नहीं है।”
इसके पहले विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के 60 सांसदों ने धनखड़ के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मंगलवार को एक नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने धनखड़ पर उच्च सदन के सभापति के रूप में ‘अत्यंत पक्षपातपूर्ण’ व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
-एजेंसी इनपुट के साथ
