Exclusive: हिट फिल्में देने के बाद सताने लगा था असफलता का डर, फिर पढ़ाई के लिए हार्वर्ड पहुंचीं भूमि पेडनेकर
Bhumi Pednekar in Navbharat Conclave: बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर आज अपने सफलता की चरम पर हैं। लेकिन उनके जीवन में एक ऐसा समय आया, जब उन्हें असफलता का डर सताने लगा था। क्या है वो पूरा किस्सा?
- Written By: मनोज आर्या
जब पढ़ने के लिए हार्वर्ड पहुंची भूमि पेडनेकर, ( AI जेनरेटेड इमेज)
Bollywood Actress Bhumi Pednekar in Navbharat Conclave 2026: बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री भूमि पेडनेकर आज किसी खास पहचान की मोहताज नहीं है। फिल्मों के जरिए उन्होंने भारत के लगभग सभी घरों तक अपनी पहुंच बना चुकी हैं। हालांकि, एक उनके जीवन में एक ऐसा समय आया जब हिट फिल्में देने के बाद भी उन्हें असफलता का डर सताने लगा था, जिसके बाद वह मुंबई छोड़कर पढ़ने के लिए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चली गईं थी। आखिर क्या है वो पूरा किस्सा…आइए खुद उन्हीं से जानते हैं।
हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘नवभारत कॉन्क्लेव’ में शामिल होने पहुंची भूमि पेडनेकर ने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन पर अपने विचार रखे। इस दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं। उनसे पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि बतौर एक्टर आप क्या चाहते हैं, लगातार ग्रोथ, और यह तभी संभव है जब आप अपने जीवन में कई सारे अलग-अलग चीजों का अनुभव करते हैं।
हार्वर्ड पढ़ने क्यों गईं भूमि पेडनेकर?
भूमि पेडनेकर ने बताया कि यही वजह है कि मैंने पढ़ाई के लिए समय निकालने के बारे में सोचा और ‘ग्लोबल पॉलिसी एंड लीडरशिप’ कोर्स किया, क्योंकि मैं इसमें काफी रुचि रखती हूं। कहीं ना कहीं जब आप एक्ट बनते हो, तो इतनी सारी सक्सेस आ जाती है, पैसे आ जाते हैं। लेकिन इसी बीच आप जीवन की असलियत और सच्चाई से बहुत दूर हो जाते हैं। और आप जैसे ही इस सच्चाई से दूर होते हैं आप अपने क्रॉफ्ट में जीरो हो जाते हैं। इसी का मुझे भी डर था, तब मैंने सोचा कि थोड़ा समय लेते हैं, फिर से लोगों से जुड़ते हैं पढ़ाई करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह भी देखती हूं कि भारत में लोग कैसे रह रहे हैं, इसके लिए मैं बहुत ट्रैवल करती हूं।
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(नवभारत कॉन्क्लेव में बोलती हुईं बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर)
हमारा भारत बेहद खूबसूरत- भूमि पेडनेकर
नवभारत कॉन्क्लेव के मंच से बोलते हुए भूमि पेडनेकर ने कहा कि मैंने फैसला किया था कि इस पूरे साल सिर्फ में भारत घूमूंगी। क्योंकि ये मौका बहुत कम मिलता है। हम बाहर विदेशों में चले जाते हैं और कितनी वाहवाही करते हैं। लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि हमारे देश में हर चीज है और इतना खूबसूरत है। उन्होंने भूमि ने कहा कि एक युवा भारतीय और एक कलाकार होने के नाते वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती हैं।
विकसित भारत में महिलाओं का योगदान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विजन का समर्थन करते बॉलीवुड अभिनेत्री ने कहा कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब उस विकसित भारत की तस्वीर में महिलाओं का योगदान सबसे बड़ा होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे खुद भी इस ऐतिहासिक बदलाव और विकास की यात्रा का हिस्सा बनना चाहती हैं।
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पर्यावरण की सेहत देश की असली बुनियाद
भूमि पेडनेकर ने पर्यावरण के मुद्दे को ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि जब तक हमारा ग्रह (प्लेनेट) स्वस्थ नहीं रहेगा, तब तक हमारी आबादी भी सेहतमंद नहीं रह सकती। उन्होंने जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। बॉलीवुड अभिनेत्री ने कार्यक्रम मौजूद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की रिन्यूएबल एनर्जी और सोलर एनर्जी की नीतियां पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल हैं।
