आधी आबादी के बिना तरक्की मुमकिन नहीं, नवभारत कॉन्क्लेव में महिलाओं पर खुलकर बोलीं भूमि पेडनेकर
Bhumi Pednekar On Viksit Bharat: नवभारत कॉन्क्लेव में बोलते हुए भूमि पेडनेकर ने स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज की सोच को बदलने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सशक्त किए बिना तरक्की मुमकिन नहीं।
- Written By: मनोज आर्या
(नवभारत कॉन्क्लेव में बोलती हुईं बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर)
Bhumi Pednekar in Navbharat Conclave 2026: हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘नवभारत कॉन्क्लेव’ में बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन पर अपने विचार रखे। भूमि ने कहा कि एक युवा भारतीय और एक कलाकार होने के नाते वे देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को बहुत गंभीरता से लेती हैं। उनके अनुसार, कलाकारों के पास ‘क्राफ्ट’ के रूप में एक बहुत शक्तिशाली जरिया है जिससे वे करोड़ों लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 के विन का समर्थन करते बॉलीवुड अभिनेत्री ने कहा कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब उस विकसित भारत की तस्वीर में महिलाओं का योगदान सबसे बड़ा होगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे खुद भी इस ऐतिहासिक बदलाव और विकास की यात्रा का हिस्सा बनना चाहती हैं।
‘आधी आबादी के बिना तरक्की मुमकिन नहीं’
नवभारत कॉन्क्लेव में अपनी बात करते हुए उन्होंने न केवल फिल्मों, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और समाज की सोच को बदलने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधी आबादी को सशक्त किए बिना तरक्की मुमकिन नहीं है। भूमि पेडनेकर ने देश की आर्थिक प्रगति पर बात करते हुए एक बहुत ही पते की बात कही।
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‘मल्टी-ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का मौका’
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की एक तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है और हमारे पास अगले 21 सालों में एक मल्टी-ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने का मौका है, लेकिन इस लक्ष्य को हम तब तक हासिल नहीं कर सकते जब तक हम अपनी आधी आबादी, यानी महिलाओं को नजरअंदाज करेंगे।
‘महिलाओं की भागीदारी नहीं, जरूरत’
फिल्म अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना केवल सम्मान की बात नहीं, बल्कि आर्थिक जरूरत भी है। उन्होंने स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के आपसी रिश्ते को समझाते हुए कहा कि जब तक औरतों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छता (सैनिटेशन) नहीं मिलेगी, तब तक वे वर्कफोर्स का हिस्सा नहीं बन पाएंगी।
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‘अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य बेहद जरूरी’
अगर एक बच्ची को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य मिलेगा, तभी वह देश के विकास में अपना योगदान दे सकेगी। यह बदलाव सिर्फ अस्पतालों से नहीं, बल्कि हमारे घरों और किचन से शुरू होना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी सेहतमंद और उत्पादक बन सके।
