

Who Will be the next CM Of Kerala: पिछले 10 दिनों से जारी सियासी सस्पेंस, लॉबिंग और दिल्ली से केरल तक फैली कभी न खत्म होने वाली राजनीतिक कानाफूसी के बाद कांग्रेस हाईकमान ने बुधवार रात आखिरकार इशारा किया कि दक्षिणी राज्य के अगले मुख्यमंत्री का इंतजार खत्म होने वाला है। यह बड़ा इशारा तब मिला जब कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश दिल्ली में कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खड़गे के घर से बाहर निकले और ऐलान किया कि कांग्रेस लेजिस्लेटिव पार्टी की मंजूरी वाली बातचीत पूरी हो गई है और केरल के नए मुख्यमंत्री का ऐलान गुरुवार को किया जाएगा।
यह बयान भले ही छोटा था, लेकिन इसने तुरंत पूरे केरल में हलचल मचा दी। जहां कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF) ने पिनाराई विजयन के दस साल पुरानी लेफ्ट सरकार को हटाकर सियासी जगह बनाई है। हालांकि, केरल में मिली बड़ी जीत के बाद भी कांग्रेस नेतृत्व में राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर पॉलिटिकल अनिश्चितता लगातार बढ़ रही है।
केरल में नई सरकार के गठन और इसके मुखिया यानी की मुख्यमंत्री के नाम को लेकर जारी अटकलों के बीच बुधवार को राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस के पुराने रणनीतिकार ए. के. एंटनी के बीच बड़ी बैठक हुई, क्योंकि मुख्यमंत्री पद के तीन मुख्य दावेदारों- वीडी सतीषण, रमेश चेन्निथला और के. सी. वेणुगोपाल के नाम पर विचार-विमर्श किया जा रहा था। यह बैठक भले ही दिल्ली में चल रही थी, लेकिन इसकी उबाल केरल में भी था।
बुधवार को राज्य में सबसे ज्यादा पॉलिटिकल माहौल सतीषण के अलुवा वाले घर पर था, जहां सुबह से ही सैकड़ों समर्थक जमा हो गए और दिन भर बाहर डेरा डाले रहे। इस दौरान उनके समर्थक दिल्ली में हो रहे हर एक डेवलपमेंट पर करीब से नजर बनाए हुए रखे थे। टेलीविजन क्रू, नारे लगाने वाले वर्कर और लगातार अटकलों ने इस शांत इलाके को एक हाई-वोल्टेज पॉलिटिकल नर्व सेंटर में बदल दिया।
केरल की राजधानी में चेन्निथला के घर पर भी सपोर्टर बेसब्री से आखिरी फैसले का इंतजार कर रहे थे, उन्हें यकीन था कि इस पुराने नेता के अनुभव और संगठनात्मक स्वीकार्यता ने उन्हें अभी भी सीएम की रेस में मजबूत दावेदार हैं। फिर भी शायद दिन भर सबसे दिलचस्प चुप्पी केसी वेणुगोपाल के आस-पास रही।
कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी, जिनके अचानक एक सीरियस दावेदार के तौर पर उभरने से केरल के पॉलिटिकल इक्वेशन में काफी बदलाव आया और फैसले लेने का प्रोसेस काफी लंबा खिंच गया, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुई हाई-प्रोफाइल बातचीत से साफ तौर पर गायब थे। जहां विरोधी खेमे साफ तौर पर एक्टिव रहे, वहीं वेणुगोपाल अपने दिल्ली वाले घर पर ही रहे, जिससे चुपके से हो रही बातचीत को लेकर तेज अटकलें लगाई जा रही थीं।
इस बीच देर शाम हुए एक और राजनीतिक डेवलपमेंट ने केरल में नई उत्सुकता जगा दी है। सीनियर लोकसभा MP कोडिकुन्निल सुरेश को तिरुवनंतपुरम में एंटनी के घर जाते देखा गया, जिससे आखिरी समय में दखल की उम्मीद को लेकर कानाफूसी का एक और दौर शुरू हो गया। अब दस दिनों जारी सस्पेंस के बाद केरल कांग्रेस हाईकमान का इंतजार कर रहा है कि वह आखिरकार उस आदमी का नाम बताए जो राज्य का 13वां मुख्यमंत्री बनेगा।