प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Today Weater Update: मार्च का महीना खत्म होने की ओर है और आमतौर पर इस समय तक सूरज की तपिश लोगों को पसीने छुड़ाने लगती है, लेकिन इस साल कुदरत के इरादे कुछ और ही नजर आ रहे हैं। उत्तर भारत के पहाड़ों पर हो रही ताजा बर्फबारी ने मैदानी इलाकों के समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार और रविवार को देश के एक बड़े हिस्से में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। यह बदलाव न केवल तापमान में गिरावट लाएगा, बल्कि वीकेंड पर घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी बड़ी चुनौती खड़ा कर सकता है।
देश की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के नोएडा-गाजियाबाद इलाकों में शनिवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही ने मौसम को सुहावना बना दिया है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी करते हुए बताया है कि 30 मार्च तक गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के हालात थोड़े अधिक चिंताजनक हैं। आईएमडी ने राज्य के करीब 38 जिलों में आंधी-बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है। शनिवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, लेकिन तेज हवाओं के कारण उमस से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एक तरफ जहां मैदानी इलाके बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो गया है। उत्तराखंड के नैनीताल, उत्तरकाशी और चमोली जैसे सात जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बर्फबारी होने के आसार हैं।
इसका असर बिहार और झारखंड के मौसम पर भी पड़ रहा है। बिहार के किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार समेत 8 जिलों में आज बारिश की प्रबल संभावना है। झारखंड के लिए भी मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी दी है; वहां अगले दो दिनों तक तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि होने का अनुमान है, जिसके लिए विशेष रूप से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि जब उत्तर भारत बारिश और बर्फबारी की आगोश में है, तब देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में हैं। गुजरात में पारा 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, जहां फिलहाल किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं दिख रही है।
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मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी उमस भरा मौसम आम जनता को परेशान कर रहा है। हालांकि, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में गर्मी के बीच कहीं-कहीं आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यह विरोधाभासी मौसम स्पष्ट करता है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव फिलहाल उत्तर और पूर्वी भारत तक ही सीमित है।