क्या हमले की पहले से थी प्‍लान‍िंग, डीएम ने हलद्वानी हिंसा की बताई पूरी स्क्रिप्ट

Nainital District Magistrate Vandana Singh held a press conference on Haldwani Riots, Uttarakhand
हलद्वानी हिंसा मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करती हुईं नैनीताल जिलाधिकारी वंदना सिंह
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हल्द्वानी: उत्तराखंड (Uttarakhand ) के हल्द्वानी (Haldwani) के बनभूलपुरा में हुई हिंसा को लेकर नैनीताल जिलाधिकारी (DM) वंदना स‍िंह ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की ने शुक्रवार यानी आज प्रेस कांफ्रेंस की। जिलाधिकारी ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में क्या कहा इसे बताने से पहले ये बता देतें हैं कि हिंसा क्यों हुई।घटना पर प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर डीएम ने क्या कहा?

हल्द्वानी हिंसा की ऐसे हुई शुरुआत

दरअसल, हल्द्वानी के बनभूलपुरा सरकारी जमीन पर बने अवैध मदरसा और नमाज स्थल को ध्वस्त करने शुक्रवार को वहां पुलिस पहुंची। कार्रवाई के दौरान वहां मौजूद प्रशासन और नगर निगम की टीम पर उपद्रियाें ने हमले, पथराव और आगजनी करना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने हातल काबे पाने के लिए एक्शन लेते हुए कर्फ्यू लगाया और इंटरनेट सेवाएं ठप कर दिया। बता दें कि मीडिया की ओर से आ रही ताजा जानकारी के मुताबिक, हमले में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 से ज्यादा लोग घायल हैं। वहीं आधिकारिक रूप से दो लोगों के मौत होने की सूचना है।  इस घटना पर आज नैनीताल की डीएम ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस की।

होई कोर्ट के आदेश के बाद हो रही कार्रवाई

डीएम वंदना स‍िंह ने बताया कि कहा कि होई कोर्ट के आदेश के बाद हल्द्वानी में जगह-जगह अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई। सभी को नोटिस और सुनवाई के अवसर दिए गए। कुछ ने होई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, कुछ को समय दिया गया, जबकि कुछ को समय नहीं दिया गया। जहां समय नहीं दिया गया वहां पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की ओर से डिमोलिशन अभियान चलाया गया। यह कोई पृथक गतिविधि नहीं थी और किसी विशेष परिसंपत्ति को टारगेट करके की गई गतिविधि नहीं थी।

पुलिस ने किसी को नहीं उकसाया

ये काफी लंबे समय से हल्द्वानी के अंतर्गत सरकारी परिसंपत्तियों को अलग-अलग क्षेत्रों में बचना का, अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान चल रहा है। उसी क्रम में खाली संपत्ति में दो संरचनाएं हैं, जो धार्मिक संरचना के रूप में पंजीकृत नहीं है और न ही कोई मान्यता प्राप्त है। कुछ लोग इस संरचना को मदरसा कहते हैं और कुछ लोग पूर्ण नमाज स्थल कहते हैं। इसको हमने खाली कराया। वंदना सिंह ने कि आप वीडियो में देख सकते हैं कि पुलिस बल किसी को उकसा और मार नहीं रहा है या किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहा है।

 डिमोलिशन अभियान जारी रहेगा

डीएम ने बताया कि हमने डिमोलिशन अभियान जारी रखने का फैसला किया, क्योंकि परिसंपत्तियों पर कोई रोक नहीं थी, किसी व्यक्ति का अधिकार नहीं था।कई अलग- अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया चल रही है और इसलिए यहां भी ऐसा किया गया। हमारी टीमें और संसाधन मूव हुई और किसो को उकसाया या नुकसान नहीं पहुंचाया गया, जिससे जनसंपत्ति की हानि हमारी टीमों ;यानी पुलिस और प्रशासन के माध्यम से हो। अभियान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ। पूरी प्रक्रिया ठीक से होने के बावजूद आधे घंटे के भीतर एक बड़ी भीड़ ने हमारी नगर निगम टीम पर पहला हमला किया

पहले से थी प्लानिंग

डीएम वन्दना सिंह ने बताया कि उपद्रिव प्रवित्त के लोगों द्वारा पहले से ही ये योजना बनाई गई थी कि जिस दिन डिमोलिशन अभियान चलाया जाएगा उस दिन बलों पर हमला किया जाएगा। हमारे द्वारा पत्थरों वाली पहली भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया था। इसके बाद दूसरी भीड़ आई जो आई उसके पास पेट्रोल से भरे बोतल थे उसमें उन्होंने आग लाग के फेंकी। तब तक हमारी टीम ने कोई बल प्रयोग नहीं किया था।

 पेट्रोल बम से हमला 

वन्दना सिंह ने आगे बताया कि भीड़ ने थाने को घेर लिया और थाने के अंदर मौजूद लोगों को बाहर नहीं आने दिया गया। उन पर पहले पथराव किया गया और फिर पेट्रोल बम से हमला किया गया। थाने के बाहर वाहनों में आग लगा दी गई और धुएं के कारण दम घुटने लगा। पुलिस थाने की सुरक्षा के लिए ही आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।

प्रशासन की सख्त कार्रवाई की चेतावनी

 डीएम ने कहा कि परिसंपत्तियों के नुकसान में मुख्य रूप से थाना को पूरी तरह से नुकसान हुआ है। भीड़ ने पुलिस स्टेशन को क्षतिग्रस्त कर दिया। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। आरोपियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सांप्रदायिक घटना नहीं थी। तो इसे सांप्रदायिक या संवेदनशील न बनाया जाए। किसी विशेष समुदाय ने जवाबी कार्रवाई नहीं की। यह राज्य मशीनरी, राज्य सरकार और कानून व्यवस्था की स्थिति को चुनौती देने का एक प्रयास था। शाम को फिर से ब्रीफिंग की जाएगी। 

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