

PM Modi Boirthday Special: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन सादगी, संघर्ष और स्वाभिमान की मिसाल है। बचपन में आर्थिक तंगी ऐसी थी कि उनके पास जूते खरीदने तक के पैसे नहीं थे। मामा ने कैनवस के जूते दिलवाए, तो उन्होंने चॉक पाउडर से उन्हें पॉलिश करना सीख लिया। एक बार उन्होंने मगरमच्छ का बच्चा भी पकड़ लाया, लेकिन मां हीराबेन की समझाने पर उसे लौटाने गए। वडनगर स्टेशन पर पिता के साथ चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी को आज देश ही नहीं, दुनिया एक दृढ़ नेता के रूप में जानती है। उनके पसंदीदा खाने में गुजराती खिचड़ी और भाखरी आज भी शामिल हैं।
नरेंद्र मोदी के घर की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। उनके पास जूते खरीदने के लिए भी पैसे नहीं थे। ऐसे में उनके मामा ने उन्हें सफेद कैनवस के जूते दिलाए। जब ये जूते गंदे हो जाते, तो उनके पास पॉलिश खरीदने तक के पैसे नहीं होते। उन्होंने इसका एक उपाय खोज निकाला। स्कूल में टीचर जो चॉक के टुकड़े फेंक देते थे, नरेंद्र उन्हें इकट्ठा कर लेते थे और उसका पाउडर बनाकर पानी में घोलते थे। फिर उस मिश्रण को अपने जूतों पर लगा लेते थे। सूखने पर जूते बिल्कुल नए जैसे दिखाई देने लगते थे।
एक बार नरेंद्र मोदी अपने बचपन के मित्र के साथ शर्मिष्ठा सरोवर घूमने गए थे, जहां से वे एक मगरमच्छ का बच्चा पकड़ लाए। उनकी मां हीराबेन ने समझाया कि इसे तुरंत वापस छोड़ दो। यदि किसी बच्चे को उसकी मां से अलग किया जाए तो दोनों को ही तकलीफ होती है। यह बात नरेंद्र मोदी के दिल को छू गई और वे उस मगरमच्छ के बच्चे को सरोवर में छोड़ आए।
क्या आप जानते हैं कि नरेंद्र मोदी को खाने में भाखरी (तली हुई रोटी) और खिचड़ी बेहद पसंद है। हालांकि ये दोनों व्यंजन पारंपरिक गुजराती तरीके से बने होने चाहिए। नरेंद्र मोदी खुद भी बेहतरीन खाना बनाना जानते हैं।
गुजरात के वडनगर में नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ था। नरेंद्र मोदी पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर हैं। उनके पिता वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का काम करते थे। नरेंद्र मोदी स्कूल के बाद सीधे पिता के पास दुकान पर पहुंचते और ग्राहकों को चाय सर्व करते थे। उन्होंने ट्रेन के डिब्बों में जाकर भी चाय बेची है।