त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज में युवती की मौत पर बवाल, CPI ने उठाई SIT जांच की मांग

Medical College Incident: त्रिपुरा में 14 जून को पश्चिम त्रिपुरा जिले के त्रिपुरा शांति निकेतन मेडिकल कॉलेज की एक 22 वर्षीय महिला कर्मचारी की मौत हो गई। विशेष प्रकार की जांच दल की गई मांग।
Uproar over young woman's death at Tripura Medical College; CPI demands SIT probe.
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स सोशल मीडिया)
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Tripura Medical College Girl Death: त्रिपुरा में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने 14 जून को पश्चिम त्रिपुरा जिले के त्रिपुरा शांति निकेतन मेडिकल कॉलेज की एक 22 वर्षीय महिला कर्मचारी की मौत की जांच के लिए एक विशेष प्रकार की जांच दल द्वारा जांच करने की मांग की। पीड़ित की पहचान मोनिशा दास के रूप में हुई है। जो मेडिकल कॉलेज के परीक्षा कक्ष में कार्य करती थी। उन्हे 12 जून को संस्थान परिसर के एक कमरे में फांसी पर लटका हुआ पाया गया। विधानसभा के विरोधी पक्ष नेता और सीपीआई के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी रविवार को पीड़ित के घर पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ युवा संगठन के राज्य सचिव नबरुण देब भी वहां पर मौजूद थे।

आत्महत्या नहीं है, बल्कि हत्या है

जितेंद्र चौधरी ने स्थानीय लोगों से बात करते हुए कहा कि पीड़ित की मौत आत्महत्या नहीं है, बल्कि एक हत्या का मामला है। उन्होनें यह भी कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने से पहले पुलिस कैसे किसी फैसले पर पहुंच सकती है। जब तक कोई न्यायिक जांच नहीं होगी। तब तक घटना की असली वजह सामने नहीं आ पाएगी।

महिला को नहीं दी घर जाने की अनुमति

बता दें किघटना से पहले युवती के पास उनकी मां का फोन आए था। पीड़ित को घर पर आने के लिए कहा गया था। लेकिन मेडिकल कॉलेज के प्रशासन ने पीड़ित को तीन दिन तक घर जाने की अनुमति नहीं दी थी। उहोने दावा करते हुए कहा कि युवती का ट्रांसफर किसी अन्य विभाग में किया गया था। साथ ही महिला के इच्छा के विरुद्ध उनसे रात में भी कार्य कराया गया था।

CPI(M)के एक नेता ने क्या कहा

यह मेडिकल कॉलेज पश्चिम त्रिपुरा के मधुबन में स्थित है। जिसका संचालन पश्चिम बंगाल के बीरभूम स्थित एक गैर-सरकारी एनजीओ कर रहा था। CPI(M)के एक नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस की जांच से पीड़ित के परिजन और स्थानीय लोग संतुष्ट नहीं नहीं है। उन्होंने अधिकारियों पर निशान साधते हुए कहा कि मामले की जांच पूरी होने से पहले ही इस मामले को प्रेम प्रसंग बताता दिया गया।

जांच की  रिपोर्ट गृह विभाग को सौपी जाए

11 जून को त्रिपुरा सरकार ने इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच करने के आदेश दिए गए है। इसके अतिरिक्त सचिव तरित कान्ति चरम ने आदेश को जारी करते हुए कहा कि त्रिपुरा के जिलाधिकारी और साथ ही कलेक्टर डॉ. विशाल कुमार को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस घटना के सभी पहलुओं की जांच करते हुए 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट गृह विभाग को सौपनी होगी।

फांसी पर लटका हुआ शव बरामद

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित पहले इसी मेडिकल कॉलेज में केयरटेकर के रूप में कार्य करती थी। अभी कुछ समय पहले ही महिला को परीक्षा सेल में तैनात किया गया था। 10 जून की रात को कॉलेज के अंदर से महिल का फांसी पर लटका हुआ शव बरामद किया गया था। पुलिस इस मामले की जांच करने में जुटी हुई थी। अगले दिन पीड़ित के घरवालों और कॉलेज प्रशासन के सामने पीड़ित के शव को पोस्टमार्टम के लिया भेज दिया गया है। आपको बता दें कि इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार भी किया गया है।

निष्पक्ष रूप से जांच करने की मांग

पीड़ित के परिजनों और स्थानीय लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच करने की मांग करते हुए कहा है कि मौत से पहले पीड़ित के साथ कॉलेज परिसर के कार्यकर्ताओं ने दुष्कर्म किया है। ऐसी आशंका जताते हुए पीड़ित के परिवार ने पुलिस अधिकारी से बात करते हुए कहा कि इस मामले की जांच पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और साथ पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और इस घटना की असली वजह सबके सामने आनी चाहिए।

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