बंगाल में 'खेला' अभी बाकी है? SIR में कटे जीत-हार की अंतर से ज्यादा नाम, TMC ने सुप्रीम कोर्ट में ठोका दावा

West Bengal: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग एसआईआर में वोटों की कटौती के मुकाबले जीत का अंतर कम होने को लेकर नयी याचिकाएं दायर कर सकते हैं।
supreme court on sir
सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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West Bengal SIR Deleted More Votes Than BJP's Win Margin: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिला करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को बताया कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR) के दौरान काटे गए वोटों की तुलना में विधानसभा सीटों में जीत के अंतर कम हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने इस पहलू पर टीएमसी को नए आवेदन दाखिल करने के लिए मंजूरी दे दी है। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने ये निर्देश पश्चिम बंगाल एसआईआर के लंबित मामले में टीएमसी की तरफ से कम वोट के अंतर से चुनाव में जीत की सूचना दिए जाने पर दिया।

वोटों की कटौती के मुकाबले जीत का अंतर कम

बता दें कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एसआईआर के तहत रद्द की गई सीटों का पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम पर बहुत असर पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग एसआईआर में वोटों की कटौती के मुकाबले जीत का अंतर कम होने को लेकर नयी याचिकाएं दायर कर सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने न्यायालय में तृणमूल कांग्रेस नेताओं की दलीलों का विरोध करते हुए इसका समाधान चुनाव याचिका को बताया है। कल्याण बंद्योपाध्याय ने कहा कि एक उम्मीदवार उस क्षेत्र में 862 वोटों से हार गया, जहां 5432 से ज्यादा लोगों के नाम रोल से हटाए गए थे।

SIR को लेकर TMC का बड़ा दावा

TMC का दावा है कि टीएमसी और भाजपा के बीच वोटों का अंतर करीब 32 लाख था, और अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने करीब 35 लाख अपील पेंडिंग थीं। उन्होंने जस्टिस बागची की पहले की टिप्पणी का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर जीत का अंतर हटाए गए वोटर्स की संख्या से कम था, तो मामले की न्यायिक जांच की जरूरत हो सकती है।

बेंच ने TMC के वकील से कहा कि जरूरी डिटेल्स के साथ एक इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन फाइल की जाए। इस दौरान जस्टिस बागची ने कहा, “आप नतीजों के बारे में जो कुछ भी कहना चाहते हैं, जिस पर फैसले के तहत हटाए गए वोटर्स की वजह से काफी असर पड़ा हो. उसके लिए एक इंडिपेंडेंट IA की जरूरत है।”

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