केदारनाथ मंदिर (फोटो- सोशल मीडिया)
देहरादूनः महाशिवरात्रि के दिन शिव भक्तों के लिए खुशखबरी आई है। उत्तराखंड में उच्च गढ़वाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल में करीब छह माह बंद रहने के बाद अब खुलने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक श्रद्धालुओं के लिए दो मई को कपाट फिर खोल दिए जाएंगे।
श्री बदरीनाथ—केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर बाबा केदार के शीतकालीन गद्दीस्थल उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में परंपरागत रूप से पूजा—अर्चना करने के बाद धर्माचार्य वेदपाठियों ने पंचाग गणना कर केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाने का मुहूर्त निकाला है।
भव्य रूप से फूलों से सजाए गए ओंकारेश्वर मंदिर में इस दौरान केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ की विधायक आशा नौटियाल, मंदिर समिति के पदाधिकारियों और धर्माधिकारियों के अलावा सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद थे। थपलियाल ने बताया कि द्वादश ज्योर्तिलिंगों में से एक केदारनाथ मंदिर के कपाट दो मई, शुक्रवार को मिथुन राशि और वृष लग्न में सुबह सात बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
केदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने का मुहूर्त निकलने के साथ ही गढ़वाल हिमालय के चारों धामों के खुलने की तिथि तय हो गयी है। बदरीनाथ धाम के खुलने की तिथि चार मई है, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पर्व पर खुलेंगे। बता दें कि चार मई के बाद चारों धामों की यात्रा करने वाले श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इस दिन तक तीनों धामों के कपाट खुल जाएंगे। वहीं रमेश्वरम यानी गंगा सागर तो साल भर जा ही सकते हैं।
गौरतलब है कि आज पूरे देश में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जा रही है। महाकुंभ में लोग स्नान कर रहे हैं। इसके साथ भगवान शिव के हर बड़े-छोटे मंदिर में भीड़ देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश के बनारस में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में तीन किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी हुई है। वहीं महाकुंभ की बात करें तो अब टोटल 62 करोड़ से अधिक लोगों स्नान कर चुके हैं।