पूर्व मंत्री टी हरीश राव, फोटो- सोशल मीडिया
Telangana Phone Tapping Case: तेलंगाना में केसीआर सरकार के दौरान हुए कथित फोन टैपिंग मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने भारत राष्ट्र समिति (BRS) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी हरीश राव को पूछताछ के लिए तलब किया है। यह इस मामले में बीआरएस के किसी बड़े नेता की पहली पेशी है।
तेलंगाना के हाई-प्रोफाइल फोन टैपिंग केस की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में अब केसीआर सरकार के सबसे ताकतवर मंत्रियों में शुमार रहे टी हरीश राव का नाम भी जुड़ गया है। एसआईटी ने पूर्व मंत्री को औपचारिक समन जारी कर आज, 20 जनवरी 2026 को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है। यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है क्योंकि जांच शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब बीआरएस के किसी शीर्ष स्तर के नेता को पूछताछ के लिए समन भेजकर बुलाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, टी हरीश राव को यह समन एक निजी टेलीविजन चैनल के प्रबंध निदेशक (MD) द्वारा दिए गए बयान के आधार पर दिया गया है। कथित तौर पर उक्त एमडी ने पूछताछ के दौरान फोन टैपिंग की साजिश में पूर्व मंत्री की भूमिका का उल्लेख किया था। इसी बयान को आधार बनाते हुए एसआईटी अब हरीश राव से विस्तृत पूछताछ करना चाहती है ताकि मामले की कड़ियों को जोड़ा जा सके। गौरतलब है कि हरीश राव, केसीआर के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में बेहद प्रभावशाली मंत्री माने जाते थे।
एसआईटी ने टी हरीश राव को हैदराबाद के जुबली हिल्स थाने में पेश होने के लिए कहा है। समन के मुताबिक, उन्हें आज सुबह 11 बजे जांच अधिकारियों के सामने उपस्थित होना होगा। जानकारी के मुताबिक, जब एसआईटी के अधिकारी समन देने के लिए हरीश राव के आवास पर पहुंचे थे, तब वे घर पर मौजूद नहीं थे। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पूर्व मंत्री आज समय पर थाने पहुँचते हैं और जांच में सहयोग करते हैं। उनके साथ होने वाली यह पूछताछ राज्य की राजनीति में नया भूचाल ला सकती है।
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तेलंगाना का फोन टैपिंग मामला तब सुर्खियों में आया जब आरोप लगे कि पिछली बीआरएस सरकार के दौरान कई विपक्षी नेताओं, न्यायाधीशों और रसूखदार लोगों के फोन अवैध रूप से टैप किए गए थे। इस मामले में पहले भी कई पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। हाल ही में एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने यह बड़ा दावा भी किया था कि केसीआर, बीजेपी महासचिव बीएल संतोष को गिरफ्तार कराना चाहते थे। अब इस मामले में राजनीतिक नेताओं की संलिप्तता की जांच की जा रही है, जिसमें टी हरीश राव का नाम आने से बीआरएस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।