2029 तक नशा मुक्त बनेगा तेलंगाना! डीजीपी का बड़ा ऐलान, ड्रग माफियाओं पर होगी निर्णायक कार्रवाई

Telangana DGP: तेलंगाना के डीजीपी ने 2029 तक राज्य को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया। ड्रग नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इसे जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया।
Telangana to become drug-free by 2029! DGP's major announcement; decisive action to be taken against drug mafias.
सांकेतिक तस्वीर (सोर्स सोशल मीडिया)
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Telangana Drug-Free: तेलंगाना पुलिस के महानिदेशक सीवी आनंद ने सोमवार को बताया कि ड्रग तस्करों को उग्रवादियों और आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक माना जाएगा। उन्होंने तो यह भी कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ कानून के तहत और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला अपराध समीक्षा बैठक में क्या बातें हुई

पुलिस प्रमुख ने मीडिया से हुई बातचीत में कहा कि भद्राद्री कोठागुडेम और खम्मम जिलों में ड्रग्स तथा गांजे की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण पूरे राज्य में नशा विरोधी अभियान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। आपको बता दें कि उन्होंने यह बातें सोमवार को भद्राद्री कोठागुडेम जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित जिला अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहीं है।

इतना ही नही बल्कि समाज पर नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए डीजीपी ने कहा है कि नौजवान युवाओं में तेजी से बढ़ती नशे की लत आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या का उदाहरण देते हुए सभी अधिकारियों से यह भी कहा है कि तेलंगाना को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए अभी से ठोस कदम उठाए जा रहे है।

जानें डीजीपी के द्वारा क्या निर्देश दिए गए

डीजीपी ने यह भी कहा कि भद्राद्री कोठागुडेम की सीमाएं छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से लगती हैं, जिससे यह गांजा तस्करी का एक प्रमुख प्रवेश मार्ग बन गया है। मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि उन्होंने जिला पुलिस को गांजे की खेती, परिवहन और अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को तेज करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में यह कहा कि ड्रग तस्करों को उग्रवादियों और आतंकवादियों से भी ज्यादा खतरनाक माना जाएगा और उनके खिलाफ और अधिक कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

 दिसंबर 2029 तक तेलंगाना बनेंगा नशा-मुक्त राज्य

उन्होंने तो यह भी कहा है कि तेलंगाना पुलिस ड्रग तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ बिना किसी समझौते के अभियान चलाएगी और देश या विदेश में छिपे अपराधियों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा। डीजीपी ने दोहराया कि राज्य सरकार के विजन के तहत तेलंगाना पुलिस जनता की सक्रिय भागीदारी से दिसंबर 2029 तक तेलंगाना को नशा-मुक्त राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने अधिकारियों को बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, चेक पोस्टों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने, डॉग स्क्वॉड की तैनाती करने और ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। भद्राद्री कोठागुडेम को एक महत्वपूर्ण औद्योगिक जिला बताते हुए डीजीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए खुफिया जानकारी आधारित और लक्षित पुलिसिंग को मजबूत किया जाना चाहिए।

कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाने का आह्वान

जिले की पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्होंने अधिकारियों से पेशेवर और प्रभावी पुलिसिंग जारी रखने तथा भद्राद्री कोठागुडेम को कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक आदर्श जिला बनाने का आह्वान किया। डीजीपी ने जांच की गुणवत्ता और गति सुधारने, समय पर चार्जशीट दाखिल करने और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर भी जोर दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक रोहित राज ने जिले के अपराध आंकड़ों, गांजा मामलों, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा, वामपंथी उग्रवाद से जुड़े घटनाक्रमों और आपराधिक मामलों की जांच की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

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