मुस्लिम आरक्षण पर तमिलनाडु में महासंग्राम, IUML की 5% कोटे पर भड़की BJP; बोली- पिछड़े हिंदुओं का हक मारा जाएगा

BJP Opposes Muslim Quota Hike: तमिलनाडु में मुस्लिम आरक्षण को 3.5% से बढ़ाकर 5% करने की मांग पर सियासत गरमा गई है। BJP अध्यक्ष नागेंद्रन ने कहा कि इसे पिछड़ों के खिलाफ बताया।
Major row over Muslim reservation in Tamil Nadu; BJP lashes out at IUML's 5% quota demand, claims it will infringe upon the rights of backward Hindus.
तमिलनाडु में मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने की मांग पर BJP ने किया विरोध (फोटो सोर्स- एआई जनरेटेड)
Published on
Updated on

Tamil Nadu Muslim Reservation Controversy: तमिलनाडु में मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) की उस मांग का कड़ा विरोध किया है, जिसमें पिछड़ा वर्ग कोटे के भीतर मुसलमानों के लिए आरक्षण 3.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने की मांग की गई है। उन्होंने राज्य सरकार से इस प्रस्ताव को आगे नहीं बढ़ाने की अपील की है।

यह मांग हाल ही में तमिलनाडु के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री और आईयूएमएल नेता ए.एम. शाहजहां ने दोहराई थी। उनका कहना है कि उनकी पार्टी लंबे समय से शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग करती रही है।

पिछड़ा वर्ग का आरक्षण होगा प्रभावित: नागेंद्रन

इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि मुस्लिम आरक्षण बढ़ाने से पिछड़ा वर्ग की अन्य जातियों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा, मुसलमानों को मौजूदा 3.5 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से ही पिछड़ा वर्ग के कुछ हिंदू समुदायों की हिस्सेदारी प्रभावित हुई है। यदि इसे बढ़ाकर 5 प्रतिशत किया गया तो अन्य पिछड़े वर्गों के लिए उपलब्ध अवसर और कम हो जाएंगे। नागेंद्रन ने कहा कि आरक्षण में इस तरह की बढ़ोतरी से वर्तमान आरक्षण व्यवस्था का संतुलन बिगड़ जाएगा और अन्य सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों का हिस्सा कम हो जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से सभी पिछड़ा वर्ग समुदायों के हितों की रक्षा करने और इस प्रस्ताव को अस्वीकार करने की मांग की।

मुस्लिम लीग के मंत्री ने किया दावा

यह विवाद तब और बढ़ गया जब अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ए.एम. शाहजहां ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उनकी पार्टी ने करीब 10 दिन पहले मुख्यमंत्री विजय के समक्ष यह मांग औपचारिक रूप से रखी थी। शाहजहां ने कहा, हमने मुख्यमंत्री को अपना प्रस्ताव सौंप दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस पर विचार किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हमें विश्वास है कि आने वाले दिनों में मुस्लिम आरक्षण बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने तर्क दिया कि उच्च शिक्षा संस्थानों और सरकारी सेवाओं में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए आरक्षण में वृद्धि आवश्यक है। उनके अनुसार आईयूएमएल कई वर्षों से इस मांग को उठा रही है और इसे समुदाय के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है।

तमिलनाडु में सियासी हलचल तेज

भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद बन गया है। हालांकि सत्तारूढ़ गठबंधन की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था और उसके वितरण को लेकर राजनीतिक दलों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के बीच व्यापक बहस तेज हो सकती है।

एजेंसी इनपुट के साथ...

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com