न्यायपालिका में जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती, मॉस्को में ऐसा क्यों बोले CJI सूर्यकांत?

Indian-Russia Judiciary: मॉस्को में CJI सूर्यकांत ने कहा कि बदलती दुनिया में न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। तकनीक न्याय तक पहुंच आसान बना सकती है।
Maintaining public confidence in the judiciary is the biggest challenge. Why did CJI Surya Kant say this in Moscow?
सीजेआई सूर्यकांत (सोर्स - सोशल मीडिया)
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CJI Suryakant Moscow Visit: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा है कि तेजी से बदलती दुनिया में न्याय व्यवस्था पर जनता का भरोसा बनाए रखना न्यायपालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। मॉस्को में रूस के सुप्रीम कोर्ट के चेयरमैन इगोर क्रास्नोव के साथ बैठक के दौरान सीजेआई ने कहा कि भारत और रूस की कानूनी परंपराएं भले अलग हों, लेकिन दोनों देशों की न्यायिक संस्थाओं के सामने समान चुनौतियां हैं।

उन्होंने कहा कि तकनीक न्याय तक पहुंच को आसान बना सकती है, लेकिन न्याय की मूल भावना हमेशा मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता से जुड़ी रहेगी।सीजेआई सूर्यकांत ने ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई, एआई आधारित अनुवाद और वर्चुअल न्यायिक सहायता जैसी डिजिटल पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक का उद्देश्य न्याय तक पहुंच को मजबूत करना है, न कि मानवीय निर्णय प्रक्रिया को प्रतिस्थापित करना।

न्यायपालिका में भरोसा बनाए रखना चुनौती

सीजेआई सूर्यकांत कहा, "2024 में सोची में हुई ब्रि‍क्‍स मुख्य न्यायाधीशों की बैठक के दौरान मेरी रूस यात्रा के बाद मैंने दोनों देशों की न्याय व्यवस्था में एक दिलचस्प समानता देखी है। भारत का सुप्रीम कोर्ट और रूस का सुप्रीम कोर्ट दोनों ही विशाल और अलग-अलग तरह के समाजों की सेवा करते हैं। भले ही हमारी कानूनी परंपराएं अलग-अलग इतिहास से बनी हैं, लेकिन हमारे सामने एक समान चुनौती ये है क‍ि तेजी से बदलती दुनिया में न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा कैसे बनाए रखा जाए।"

तकनीक और मानवीय मूल्यों पर जोर

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि आज की न्याय व्यवस्था को तकनीक का सही तरीके से इस्तेमाल करना होगा, लेकिन यह भी सुनिश्चित करना होगा कि न्याय लोगों के भरोसे से जुड़ा रहे। उन्होंने कहा क‍ि न्याय का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हम तकनीकी बदलावों को इंसानी मूल्यों के साथ कैसे जोड़ते हैं। उन्होंने बताया कि तकनीक अदालतों तक पहुंच आसान बना सकती है और काम को तेज कर सकती है, लेकिन न्याय देना हमेशा एक मानवीय प्रक्रिया ही रहेगी।

ई-कोर्ट और एआई के इस्तेमाल पर CJI की राय

सीजेआई ने कहा कि भारत में अदालतों के डिजिटल बदलाव का काम इसी सोच के साथ किया गया है कि तकनीक न्याय तक पहुंच को मजबूत बनाए, न कि न्याय के मूल सिद्धांतों को बदल दे। इसमें ई-फाइलिंग, ऑनलाइन सुनवाई, रिकॉर्ड को डिजिटल बनाना, एआई आधारित अनुवाद और तकनीक और मानवीय मूल्यों पर जोर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

भारत-रूस न्यायिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

उन्होंने कहा कि न्याय संस्थाओं की सफलता आखिरकार लोगों में निवेश करने पर निर्भर करती है। इसके लिए लगातार शिक्षा, प्रशिक्षण और पेशेवर विकास जरूरी है। दोनों देशों के बीच न्यायिक सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर बात करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारत और रूस न्यायिक संस्थानों के बीच आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों, शोध और बेहतर तरीकों को साझा करके सहयोग को और मजबूत कर सकते हैं।

मॉस्को में CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान

सीजेआई सूर्यकांत ने भरोसा जताया कि भारत और रूस के सुप्रीम कोर्ट के बीच लगातार बातचीत और सहयोग से दोनों देशों की न्याय संस्थाएं और मजबूत होंगी तथा न्याय देने की प्रक्रिया और बेहतर बनेगी।

उन्होंने कहा, "न्यायिक अकादमियों के बीच सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, शोध साझेदारी और भारतीय और रूसी न्याय व्यवस्था के बीच अच्छे अनुभवों को साझा करने की काफी संभावनाएं हैं।"

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