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सुप्रीम कोर्ट का कड़ा फैसला, 454 पेड़ काटने पर ठोका 454 लाख का जुर्माना, बताया इंसान की हत्या से भी बड़ा गुनाह

Supreme Court : आज सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, पेड़ों को काटना मनुष्य की हत्या से भी बड़ा अपराध है।कोर्ट ने अवैध रूप से काटे गए प्रत्येक पेड़ के लिए एक व्यक्ति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

  • By राहुल गोस्वामी
Updated On: Mar 26, 2025 | 12:24 PM

454 पेड़ काटने पर 454 लाख का जुर्माना

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नई दिल्ली : आज यानी 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि, बड़ी संख्या में पेड़ों को काटना मनुष्य की हत्या से भी बड़ा अपराध है। इस बाबत कोर्ट ने अवैध रूप से काटे गए प्रत्येक पेड़ के लिए एक व्यक्ति पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

वहीं मामले पर जस्टीस अभय एस ओका औरजस्टीस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने यह टिप्पणी उस व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए की, जिसने संरक्षित ‘ताज ट्रेपेज़ियम जोन’ में 454 पेड़ काट डाले थे। इस बाबत बेंच ने यह भी कहा कि, ‘‘ पर्यावरण के मामले में कोई दया नहीं होनी चाहिए। बड़ी संख्या में पेड़ों को काटना किसी इंसान की हत्या से भी जघन्य है।”

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इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, बिना अनुमति के काटे गए 454 पेड़ों से जो हरित क्षेत्र था उसी तरह का हरित क्षेत्र फिर से उत्पन्न करने में कम से कम 100 वर्ष लगेंगे। उच्चतम न्यायालय ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें शिवशंकर अग्रवाल नामक व्यक्ति द्वारा मथुरा-वृंदावन में डालमिया फार्म में 454 पेड़ काटने के लिए प्रति पेड़ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की गई थी।

वहीं आज शिवशंकर अग्रवाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है लेकिन अदालत ने जुर्माना राशि कम करने से इनकार कर दिया। इसने कहा कि अग्रवाल को निकटवर्ती स्थल पर पौधारोपण करने की अनुमति दी जानी चाहिए तथा उसके खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका का निपटारा अनुपालन के बाद ही किया जाएगा।

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शीर्ष अदालत ने अपने 2019 के उस आदेश को भी वापस ले लिया जिसमें ‘ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन’ के भीतर गैर-वन और निजी भूमि पर पेड़ों को काटने के लिए अनुमति प्राप्त करने की आवश्यकता को हटा दिया गया था।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

Supreme court imposed a fine of rs 454 lakh for cutting down 454 trees

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Published On: Mar 26, 2025 | 11:48 AM

Topics:  

  • Cutting Trees
  • Latest Hindi News
  • Supreme Court

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