सुनीता केजरीवाल ने जताया दुख, बोलीं- अफसोस कि CM आवास पर नहीं फहराया जा सका तिरंगा

आज दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि उनके पति के जेल में होने के कारण मुख्यमंत्री आवास पर राष्ट्रध्वज नहीं फहराया जा सका।
सुनीता केजरीवाल ने जताया दुख, बोलीं- अफसोस कि CM आवास पर नहीं फहराया जा सका तिरंगा
Published on
Updated on

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज कहा कि वह इस बात से दुखी हैं कि उनके पति के जेल में होने के कारण मुख्यमंत्री आवास पर राष्ट्रध्वज नहीं फहराया जा सका। इस बाबत सुनीता केजरीवाल ने कहा कि "तानाशाही'' किसी निर्वाचित मुख्यमंत्री को जेल में तो डाल सकती है, लेकिन वह उसके दिल में ‘‘देशभक्ति'' को नहीं रोक सकती।

आज सुनीता केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच 'X' पर लिखा, " आज मुख्यमंत्री आवास पर तिरंगा नहीं फहराया गया। बहुत अफसोस रहा। यह तानाशाही एक चुने हुए मुख्यमंत्री को जेल में रख सकती है, लेकिन दिल में देशप्रेम को कैसे रोक पाएगी...।''

इतना ही नही आज आम आदमी पार्टी (आप) की नेता एवं मंत्री आतिशी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने भी सोशल मीडिया मंच 'X' पर लिखा, "आज स्वतंत्रता दिवस है, जब 1947 में भारत को अंग्रेजों की तानाशाही से आजादी मिली थी। सैकड़ों स्वतंत्रता सेनानियों ने लाठियां खायीं, जेल गये और अपनी जान की कुर्बानी दी - हमें यह आजादी दिलवाने के लिए।''

उन्होंने इस बाबत कहा कि, "उनके सपनों में भी ऐसा विचार नहीं आया होगा कि एक दिन, आजाद भारत में एक चुने हुए मुख्यमंत्री को झूठे मुकद्दमे में फंसा कर महीनों तक जेल में रखा जाएगा।आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम यह प्रण लेते हैं कि आखिरी सांस तक तानाशाही के खिलाफ लड़ते रहेंगे।''

जानकारी दें कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में तिहाड़ जेल में हैं। उन्हें बीते 21 मार्च को ED ने गिरफ्तार किया था। उन्हें जून में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जेल से गिरफ्तार किया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री को निदेशालय द्वारा दर्ज आबकारी नीति मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है। CBI मामले में उन्हें अभी तक जमानत नहीं मिली है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com