संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा, (सोर्स-PIB)
West Asia Conflict India Impact: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन आपूर्ति को लेकर हाई-लेवल ब्रीफिंग की है। मंगलवार को नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित अंतर-मंत्रालयी बैठक में पेट्रोलियम, विदेश और पत्तन एवं पोत परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आम नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
ईंधन की संभावित कमी की अफवाहों का फायदा उठाने वाले कालाबाजारियों पर सरकार ने कड़ा प्रहार किया है। मंत्रालय के अनुसार, देशभर में अब तक 12,000 से अधिक छापेमारी की गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप 15,000 से अधिक एलपीजी (LPG) सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने आश्वस्त किया है कि भारत की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। भारत पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग को पूरा करने के लिए किसी आयात की आवश्यकता नहीं है। रिफाइनरियों के पास पर्याप्त मात्रा में कच्चे तेल का इन्वेंट्री स्टॉक मौजूद है।
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एलपीजी कैरियर ‘शिवालिक’ कल ही भारत पहुंच चुका है और ‘नंदा देवी’ के आज मंलवार को पहुंचने की उम्मीद है, जिससे गैस की आपूर्ति और सुदृढ़ होगी। सरकार के नए नियम के मुताबिक, ग्रामीण इलाके में एलपीजी बुकिंग के लिए अब 25 से 45 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं, शहरी क्षेत्र में बुकिंग के बीच 25 दिनों का अंतराल होना अनिवार्य है।
इसके साथ ही, शहरी क्षेत्रों में कमर्शियल उपभोक्ताओं को पीएनजी (PNG) पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 14 मार्च 2026 के नए संशोधन के अनुसार, जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन है, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की सलाह दी गई है।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां (PSUs) डिजिटल मोड के माध्यम से बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं। वर्तमान में ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का आंकड़ा 94% तक पहुंच गया है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ‘पैनिक बुकिंग’ न करें, क्योंकि स्टॉक पर्याप्त है और घबराहट में की गई बुकिंग से सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव पड़ता है।
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों और उसके आसपास फंसे भारतीयों की मदद के लिए मिशन 24×7 काम कर रहे हैं। आर्मेनिया के रास्ते भारत आ रहे 130 तीर्थयात्रियों के आज वापस लौटने की संभावना है।