डॉ गीतांजलि ( सोर्स- सोशल मीडिया )
Sonam Wangchuk Wife Statement: पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आगमो से जब पूछा गया कि यदि वांगचुक को रिहा कर दिया जाता है तो क्या वह दोबारा प्रदर्शन करेंगे। इस पर उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति विरोध प्रदर्शन या भूख हड़ताल शौक से नहीं करता। उन्होंने बताया कि ऐसे कदम तभी उठाए जाते हैं जब अपनी बात सरकार और समाज तक पहुंचाने का कोई दूसरा प्रभावी रास्ता नहीं बचता।
गीतांजलि के मुताबिक इस मुद्दे का जल्द समाधान होना जरूरी है। उनका मानना है कि अगर सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद के जरिए रास्ता निकाला जाए तो समस्या जल्दी सुलझ सकती है।
Delhi: Activist Sonam Wangchuk’s wife, Gitanjali, says, ”I was asked a question that if Sonam is released, will he protest again. In response, I said that no one enjoys protesting or sitting on a hunger strike. A person does it with the intention of presenting their point of… pic.twitter.com/PBDFNVtiN2 — IANS (@ians_india) March 10, 2026
उन्होंने आगे कहा कि इससे ‘लद्दाख’ पूरे देश के लिए एक सकारात्मक उदाहरण भी बन सकता है। इससे पहले डॉ. गीतांजलि आंगमो ने द हिंदू को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उनके पति की कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं थी और नेताओं के आग्रह पर ही उन्होंने समिति में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
‘लॉ ट्रेंड’ के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पहले सोनम वांगचुक के भाषणों के वीडियो देखे जाएंगे और फिर उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA)के तहत की गई हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला किया जाएगा। न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ ने मामले की अंतिम सुनवाई 17 मार्च को तय करते हुए कहा कि उस दिन बहस पूरी होने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया जाएगा।
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लेह में सितंबर को राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हालात हिंसक हो गए थे। जिसके बाद 26 सितंबर को सोनम वांगचुक को एनएसए के तहत हिरासत में ले लिया गया था।