‘वह विवाह से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई?’, लिव इन रिलेशनशिप वाले एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
Supreme Court Statement: सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान बड़ी बात कही। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने एक मामले की सुनवाई के दौरान विधवा से विवाह से पहले लिवइन रिलेशनशिप में जाने पर सवाल उठाए।
- Written By: सजल रघुवंशी
जस्टिस नागरत्ना (सोर्स- सोशल मीडिया)
Justice B.V. Nagarathna Big Statement On Live In Relationship Case: सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी करते हुए बड़ी बात कही। दरअसल, जस्टिस बीवी नागरत्ना ने एक मामले की सुनवाई के दौरान विधवा से विवाह से पहले लिव-इन रिलेशनशिप में जाने पर सवाल उठाया। यह मामला विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार के आरोप से जुड़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि वह शादी से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई? जब हम ऐसा सवाल उठाते हैं तो कहा जाता है कि हम विक्टिम शेमिंग कर रहे हैं, यह क्या है? वहीं, आरोपी के वकील ने दलील दी कि शिकायतकर्ता उस समय कमजोर स्थिति में थी। उन्होंने कहा कि जब वह महज 18 साल की युवा विधवा थी, तब वह उससे मिला और उसने उससे शादी का वादा किया।
क्या यह पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला एक व्यक्ति की जमानत याचिका से जुड़ा हुआ है, जिस पर शिकायतकर्ता के साथ शादी का वादा कर संबंध बनाने का आरोप है। अदालत की यह टिप्पणियां इस साल की शुरुआत में की गई टिप्पणियों से मिलती-जुलती हैं। फरवरी में एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस नागरत्ना ने विवाह से पहले संबंधों को लेकर सावधानी बरतने की बात कही थी।
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‘शायद हम पुराने विचारों वाले हैं’
एक अन्य दुष्कर्म मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयान की पीठ ने कहा था कि शायद हम पुराने विचारों के हैं लेकिन विवाह से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पीठ ने झूठे विवाह के वादे पर दुष्कर्म के आरोप वाले मामले में प्री-मैरिटल संबंधों की प्रकृति पर सवाल उठाया।
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‘विवाह से पहले सावधान रहना चाहिए’
न्यायाधीश ने कहा कि चाहे संबंध कितना भी गहरा क्यों न हो, हम समझ नहीं पाते कि विवाह से पहले शारीरिक संबंध कैसे बनाए जा सकते हैं। बहुत सावधान रहना चाहिए और शादी से पहले किसी पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
