

Sonam Wangchuk Hunger Strike: जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। बुधवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, अनशन के 11वें दिन उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घट चुका है। वह पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जबकि प्रदर्शन 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है।
प्रदर्शनकारी कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
बुधवार सुबह जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक, सोनम वांगचुक का वजन घटकर 59.40 किलोग्राम रह गया है। अनशन शुरू होने के बाद से उनके वजन में कुल सात किलोग्राम से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि बार-बार होने वाली परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और उनके परिवारों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। उनकी मांग है कि इन मामलों में जवाबदेही तय की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
प्रदर्शन से जुड़े संगठन ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें उसके आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर लगी रोक हटाने का आदेश दिया गया। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण सफलता बताया।
इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़े कई छात्र नेता भी प्रदर्शन स्थल पर अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।