

Paper Leak Case: मेडिकल शिक्षा की प्रवेश परीक्षा NEET और राज्य की TET परीक्षा में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और कथित घोटालों को लेकर भंडारागोंदिया के सांसद डॉ. प्रशांत पडोले ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के कारण देश और राज्य के लाखों मेहनती विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री और राज्य के शिक्षा मंत्री तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। सांसद डॉ. पडोले ने कहा कि किसान, मजदूर और सामान्य परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कर्ज लेकर उन्हें पढ़ाते हैं। छात्र-छात्राएं दिनरात मेहनत कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाने से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
NEET और TET में सामने आए पेपर लीक शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न हैं और यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बारबार पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने से ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कई छात्र निराशा में आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है।
परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाएं प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पेपर लीक के मुख्य आरोपी, दलाल और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। सरकार केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है, जबकि असली दोषियों को बचाया जा रहा है।
डॉ. प्रशांत पडोले ने तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दें। दूसरी, NEET और TET पेपर लीक प्रकरण की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
तीसरी, भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ मकोका सहित कड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए। सांसद डॉ. पड़ोले ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में शीघ्र और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो विद्यार्थियों के अधिकारों और न्याय के लिए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।