(डिज़ाइन फोटो)
गुवाहाटी: जहां असम में बारिश और बाढ़ की मार अब भी जारी है। वहीं लगातार तेज बारिश और बाढ़ के चलते लोगों को खुब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल बाढ़ के पानी का स्तर घट रहा है, मगर हालातों में अब भी खास सुधार नहीं होता दिख है। अब भी 3000 से ज्यादा गावों में पानी भरा हुआ है, मगर लोगों के पीने के लिए पानी ही मौजुद नहीं है, ना ही वहां बिजली को कोई प्रबंध है।
राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 56 हो चुकी है। बाढ़ से 29 जिलों के 21.13 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रदेश में अधिकांश प्रमुख नदियों में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। वहीं सोनितपुर जिले में 2 जबकि मोरीगांव, डिब्रूगढ़, दरांग, गोलाघाट, बिस्वनाथ और तिनसुकिया जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। राज्य में लगभग 22 लाख लोग बाढ़ के कारण प्रभावित हैं। बाढ़ के पानी ने 100 सड़कों, 14 पुलों और 11 तटबंधों को नुकसान पहुंचाया है।
बीते शुक्रवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने डिब्रूगढ़ शहर की स्थिति की समीक्षा की थी। यह जिला बीते आठ दिनों से जलमग्न है और यहां बिजली व्यवस्था भी ठप है। उन्होंने डिब्रूगढ़ के कुछ इलाकों का पैदल दौरा किया और लोगों से बातचीत की थी। तब मुख्यमंत्री सरमा ने कहा था, ”हम डिब्रूगढ़ शहर में जलभराव की समस्या का समाधान निकालने के लिए विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों की मदद लेंगे।” CM सरमा को लाइफ जैकेट पहने और नाव में अधिकारियों के साथ जलमग्न क्षेत्रों में जाते देखा गया।
यहां नालियों के जाम होने के चलते डिब्रूगढ़ में जलभराव हो गया है तथा ब्रह्मपुत्र नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे पानी की निकासी में दिक्कतें आ रही हैं। स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री शर्मा से बिजली आपूर्ति बहाल करने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है ताकि करंट लगने जैसी किसी भी अप्रिय दुर्घटना से बचा जा सके।
गौरतलब है कि असम में प्राकृतिक आपदा के कारण 29 जिलों में 22 लाख लोग प्रभावित हैं। राज्य में इस साल बाढ़, भूस्खलन और तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है तथा तीन अन्य लोग लापता हैं। राज्य में जारी बाढ़ के संकट के कारण धुबरी में सबसे ज़्यादा 6,48,806 लोग प्रभावित हैं, इसके बाद दरांग में लगभग 1,90,261 लोग और कछार में 1,45,926 लोग प्रभावित हैं।
फिलहाल 39,338 प्रभावित लोगों ने 698 राहत शिविरों में शरण ली हुई हैं। वहीं, 7,24,322 लोगों को राहत-सामाग्री उपलब्ध कराई जा चुकी है। ब्रह्मपुत्र, दिगारू और कोलोंग नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, कामरूप (मेट्रो) जिले में अलर्ट जारी है। ब्रह्मपुत्र नदी निमाटीघाट, तेजपुर, गुवाहाटी, ग्वालपाड़ा और धुबरी में ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही है। यहां स्थानीय प्रशासन, सेना, अर्धसैनिक बल, एसडीआरएफ की बचाव टीमें कई जगहों पर बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)