हरियाणा के पंचकूला में ई-टेंडरिंग के खिलाफ सरपंचों का प्रदर्शन, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
- Written By: किर्तेश ढोबले
Photo: @ANI/Twitter
चंडीगढ़: हरियाणा के पंचकूला में राज्य सरकार की ई-टेंडरिंग नीति के खिलाफ हरियाणा के विभिन्न गांवों के सरपंचों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। इसके अलावा वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, हरियाणा के अलग-अलग गांव के सरपंचों ने सीएम मनोहरलाल खट्टर से मुलाकात करके बात भी की थी। लेकिन यह मुलाकात सफल नहीं हो पाई। जिसके बाद बाद सरपंचों ने सीएम के आवास का घेराव भी किया, जिसके बाद अब पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
#WATCH | Police launch Lathi charge on protesting Sarpanchs of various villages from across Haryana against the e-tendering policy of the state government at Panchkula pic.twitter.com/GQusL1c79G — ANI (@ANI) March 1, 2023
सम्बंधित ख़बरें
हरियाणा में क्लर्क के 1265 पदों पर भर्ती शुरू, ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका
इस राज्य में Ola-Uber पर बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल टैक्सी पर लगेगी रोक, अब सिर्फ EV और CNG का होगा जलवा
16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR का ऐलान, पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बदलेगी वोटर लिस्ट
हरियाणा में फिर चला मोदी मैजिक! निकाय चुनावों में BJP की ऐतिहासिक जीत, प्रधानमंत्री ने जनता का जताया आभार
पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर पुलिसकर्मी तैनात
पंचकूला-चंडीगढ़ सीमा पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किये गये थे और बैरीकेड लगाये गये थे, क्योंकि ग्राम प्रधानों की अगुवाई करने वाले हरियाणा सरपंच एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आवास की ओर कूच करने की धमकी दी थी। हरियाणा के हाल के पंचायत चुनाव के बाद नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान यह दावा करते हुए ई-निविदा व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं कि यह व्यय करने के उनके अधिकारों पर पाबंदी लगा देगी।
नई नीति विकास कार्यों में ‘अड़चनें’ पैदा करेगी
विकास एवं पंचायत मंत्री देंवेंद्र सिंह बबली ने फिर कहा है कि ई-निविदा प्रणाली विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता लायेगी तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करेगी, लेकिन हरियाणा सरंपच एसोसिएशन ने कहा है कि एसोसिएशन इस नीति के विरुद्ध है। एसोसिएशन का दावा है कि नई नीति विकास कार्यों में ‘अड़चनें’ पैदा करेगी।उसने यह धमकी भी दी है कि यदि सरकार उनकी मांग नहीं मांगेगी तो वह अपना प्रदर्शन जारी रखेगा। कांग्रेस समेत विभिन्न विपक्षी दलों ने सरपंचों का समर्थन किया है। (भाषा इनपुट के साथ)
