'नौं लोगों की जान गई लेकिन चिता सिर्फ आठ जल पाईं', संजय सिंह ने पालम अग्निकांड को बताया प्रशासनिक हत्याकांड

Sanjay Singh AAP: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पालम अग्निकांड को प्रशासनिक लापरवाही बताया है। साथ ही उन्होंने दिल्ली सरकार के मंत्री के बयान की भी आलोचना की है।
Sanjay Singh On Palam Agnikand In Rajyasabha
संजय सिंह (सोर्स- डिजाइन इमेज)
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Sanjay Singh On Palam Agnikand: आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पालम अग्निकांड का मुद्दा राज्यसभा में उठाते हुए दिल्ली सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने इस अग्निकांड को सरकारी लापरवाही से की गई हत्या बताया। साथ ही संजय सिंह ने दिल्ली सरकार के मंत्री के बयान की कड़ी आलोचना की और इस मामले की जांच कराए जाने की मांग उठाई।

संजय सिंह ने फायर ब्रिगेड की लापरवाहियों का भी सदन में जिक्र किया और इस घटना की निश्चित समय सीमा के भीतर जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

पालम अग्निकांड पर क्या बोले संजय सिंह?

संजय सिंह ने सदन में कहा कि यह हादसा दिल्ली में हुआ है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और पूरी सरकार यहीं रहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस संसद से कुछ किलोमीटर दूर पालम के क्षेत्र में यह भयानक अग्निकांड हुआ। इस अग्निकांड में राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार खत्म हो गया। साथ ही आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि इस में नौं लोगों की जान चली गई। साथ ही उन्होंने कहा कि माँ और बेटी को जलने के बाद अलग नहीं किया जा सका।

जान गई नौं लेकिन चिता आठ जल पाईं- संजय सिंह

संजय सिंह ने कहा कि जान तो गई नौ लोगों की, लेकिन चिताएं आठ जल पाईं, इतनी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। संजय सिंह ने आगे कहा कि जब वह लोग चीख रहे थे, चिल्ला रहे थे, उनके बच्चे कह रहे थे हमें बचा लो, बचा लो। जो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां गईं, उनकी हाइड्रोलिक सीढ़ी खुल नहीं रही थी फायर ब्रिगेड के पास सेफ्टी जाल भी नहीं था कि लोग उसमें कूदकर अपनी जान बचा सकें।

दिल्ली में पालम मेट्रो के पास हुआ यह भयानक अग्निकांड

आग की तेजी की वजह से यह अग्निकांड इतना भयानक साबित हुआ। जांच में सामने आया है कि इमारत में रहने वालों के बाहर निकलने के रास्ते कुछ ही मिनटों में पूरी तरह बंद हो गए थे। सीढ़ियों और गलियारों में धुआं और लपटें भर गईं, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। पहले फ्लोर पर रहने वाले लोग ऊपर-नीचे नहीं जा सके जबकि दूसरे फ्लोर के लोग अपने ही फ्लोर पर फंस गए। यही वजह रही कि हादसा इतना भयावह साबित हुआ।

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