

Samay Raina India Got Latent Case: समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ मामले में उनके खिलाफ दर्ज सभी FIR रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उनके खिलाफ चल रही कोर्ट कार्रवाई भी बंद कर दी गई है। मामला दिव्यांग व्यक्तियों के खिलाफ कथित असंवेदनशील टिप्पणियों से जुड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया। पीठ ने माना कि समय रैना और अन्य आरोपियों ने दिव्यांगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने और फंड जुटाने से जुड़े कोर्ट के निर्देशों का पालन किया है।
बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा समय रैना समेत चार अन्य कॉमेडियन को नवंबर 2025 में दिव्यांग लोगों के लिए काम करने और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित व्यक्तियों को के दवाई कराने को लेकर फंड जुटाने के लिए एक महीने में दो और उससे ज्यादा कार्यक्रम करने का निर्देश दिया गया था।
समय रैना को अपने आयोजित विशेष कार्यक्रमों में दिव्यांग लोगों को शामिल करने और उनकी सफलताओं को सामने लाने के लिए भी कहा गया था। जिसके बाद में सुप्रिम कोर्ट (SC) को जानकारी दी गई कि इन कॉमेडियनों ने कई कार्यक्रमों को आयोजित किया जिसमे दिव्यांग लोगों को शामिल किया गया था। लेकिन उन्ही आोयजित कार्यक्रमों के जरिए स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने और फंड जुटाने की कोशिश की गई।
दरअसल, यह पूरा मामला 14 नवंबर 2024 को मुंबई के खार स्थित हैबिटेट में शूट किए गए ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ के एक एपिसोड के प्रसारण के बाद शुरू हुआ था। इस एपिसोड में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) जैसी गंभीर और दुर्लभ बीमारी के इलाज तथा उससे जुड़े खर्च को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की गई थीं, जिन्हें दिव्यांगजनों की गरिमा के खिलाफ माना गया। आरोप था कि कार्यक्रम के दौरान SMA से पीड़ित लोगों और उनकी बीमारी का मजाक उड़ाया गया।
मामले को लेकर ‘क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन’ नामक गैर-सरकारी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। याचिका में आरोप लगाया गया कि शो में की गई टिप्पणियां दिव्यांग व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और गरिमा का उल्लंघन करती हैं। इसके बाद शो से जुड़े कई कलाकारों और अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और FIR दर्ज की गई।
इसी मामले में शो से जुड़े लोकप्रिय यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादियाने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी थी, जबकि उनकी राहत से जुड़ी मुख्य याचिका अभी भी न्यायालय के समक्ष लंबित है।
इस कानूनी मामले के शुरुआती चरण में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियनों के रवैये और अदालत के निर्देशों के पालन में हुई देरी पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद कोर्ट ने प्रत्येक कॉमेडियन पर 3-3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और उन्हें दिव्यांगजनों के सम्मान व कल्याण के लिए चैरिटी शो आयोजित करने का निर्देश दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया था कि इन कार्यक्रमों से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल दिव्यांग लोगों की मदद के लिए किया जाए। नवीनतम सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि कॉमेडियनों ने अपनी पिछली गलतियों को सुधारने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने पुणे में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर की शतरंज प्रतियोगिता आयोजित की। इसके अलावा चार अन्य बड़े फंड-रेजिंग कार्यक्रम भी निर्धारित किए गए हैं।
अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि इन प्रयासों के जरिए करीब 12.5 करोड़ रुपये की राशि जुटाई गई है, जिसे दिव्यांगजनों और स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) से पीड़ित लोगों के इलाज एवं सहायता के लिए दान किया जाएगा। शिकायतकर्ता एनजीओ और कलाकारों के बीच हुए इस सकारात्मक संवाद को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई कि ये युवा आगे भी दिव्यांगजनों के अधिकार, सम्मान और कल्याण को बढ़ावा देने वाले कार्यों से जुड़े रहेंगे।