Good News: सांसदों और पूर्व सांसदों के लिए बड़ी खुशखबरी! सैलरी-पेंशन में की गई इतने रुपये की बढ़ोतरी
सांसदों को पहले से ही कई सुविधाएं मिलती हैं, जैसे मुफ्त घर, गाड़ी, बिजली-पानी और यात्रा भत्ता। उनकी सैलरी और भत्ते हर पांच साल में बढ़ाए जाते हैं। इस बार का बदलाव 1 अप्रेल से लागू हो रहा है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
कॉन्सेप्ट फोटो
नई दिल्ली : सांसदों और पूर्व सांसदों की सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी कर दी गई है। संसदीय कार्य मंत्रालय ने यह फैसला लिया है। इसके तहत सांसदों की महीने की सैलरी अब 1,00,000 रुपये से बढ़कर 1,24,000 रुपये हो गई है। यानी हर महीने उन्हें पहले से 24,000 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
इसके अलावा, जो रोजाना भत्ता उन्हें मिलता था, वह भी 2,000 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है। मतलब, हर दिन के काम के लिए अब उन्हें 500 रुपये एक्स्ट्रा मिलेंगे। वहीं पूर्व सांसदों की पेंशन में भी इजाफा किया गया है। पहले उन्हें हर महीने 25,000 रुपये पेंशन मिलती थी, जो अब बढ़कर 31,000 रुपये कर दी गई है। इससे उन्हें हर महीने 6,000 रुपये ज्यादा मिलेंगे।
The salaries and allowances of MPs and former MPs have been increased. As per the decision by the Ministry of Parliamentary Affairs: MPs’ salaries have been increased from ₹1,00,000 per month to ₹1,24,000. Daily allowance has been raised from ₹2,000 to ₹2,500. Former MPs’… pic.twitter.com/jl6Urgnx2t — IANS (@ians_india) March 24, 2025
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इसलिए दिया जाता है रोजाना भत्ता
बता दें, रोजाना भत्ता इसलिए दिया जाता है ताकि वे संसद में मौजूद रहने या अपने इलाके में काम करने के दौरान होने वाले खर्चों को पूरा कर सकें। वहीं, पूर्व सांसदों की पेंशन बढ़ने से रिटायरमेंट के बाद उनकी जिंदगी थोड़ी आसान हो जाएगी।
सांसदों को मिलती है कई सारी सुविधाएं
भारत में सांसदों को पहले से ही कई सुविधाएं मिलती हैं, जैसे मुफ्त घर, गाड़ी, बिजली-पानी और यात्रा भत्ता। उनकी सैलरी और भत्ते हर पांच साल में बढ़ाए जाते हैं, ताकि महंगाई के हिसाब से उन्हें सही पैसा मिले। इस बार का बदलाव 1 अप्रैल 2023 से लागू होने वाला है। यह फैसला इनकम टैक्स कानून में महंगाई के सूचकांक (कॉस्ट इन्फ्लेशन इंडेक्स) के आधार पर लिया गया है। इससे सांसदों को मौजूदा आर्थिक हालात में मदद मिलेगी।
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लोगों का मानना है कि सांसदों को इतना पैसा मिलना चाहिए कि वे बिना किसी परेशानी के जनता की सेवा कर सकें। लेकिन कुछ लोग यह भी कहते हैं कि सैलरी बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए, वरना यह नौकरी सिर्फ पैसे के लिए आकर्षक बन जाएगी।
