‘भारत की परंपरा रही है…’, खामेनेई की मौत पर आया RSS का बड़ा बयान, जानिए दत्तात्रेय होसबले ने क्या कहा?
Dattatreya Hosabale Statement: आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर हरियाणा में आयोजित प्रतिनिधि सभा में सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने खामेनेई की मौत पर बड़ा बयान दिया।
- Written By: सजल रघुवंशी
RSS Event (Source- Social Media)
RSS On Khamenei Death: हरियाणा में तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा का आयोजन किया जा रहा है। इसी बीच आज यानी तीसरे दिन आरएसएस सरकार्यवाह ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने खामेनेई को लेकर कहा कि भारत की परंपरा रही है कि जीवित रहते आपका विरोध हो सकता है लेकिन मरने पर कोई विरोध नहीं हो सकता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विरोध तो ठीक है लेकिन यह शांतिपूर्वक होना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि संगठनात्मक दृष्टि से संघ कार्य का विस्तार देश भर में प्रयत्न किया गया है। अरुणाचल, अंडमान और लेह जैसे सुदूरवर्ती जगहों पर संघ की शाखाएं चलने लगी हैं। दुर्गम क्षेत्रों में भी शाखा शुरू करना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने आगे कहा कि पंच परिवर्तन को देश में सुचारू रूप से लागू करने के लिए कोशिश जारी है।
संघ का आदिवासी क्षेत्रों तक हुआ विस्तार- होसबले
आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबले इस वर्ष संघ की शताब्दी के अवसर पर, हमने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया था। जिसके परिणाम स्वरूप 55,683 जगहों पर 88,949 शाखाएँ हैं। जनसंख्या निश्चित रूप से इसका एक मापदंड है लेकिन 50 से ज्यादा शाखाएँ हैं तो इसे महानगर माना जाता है। यह संघ की शब्दावली है, संघ शाखाओं का विस्तार आदिवासी क्षेत्रों में भी हुआ है। यदि कहीं संघ की एक भी शाखा है और स्वयंसेवक वहां पहुंच रहे हैं तो इसका अर्थ है कि देश को एकता की भावना से देखने वाले लोगों का निर्माण हो रहा है।
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#WATCH | Panipat, Haryana | RSS General Secretary Dattatreya Hosabale says, “On the occasion of the centenary of the Sangh this year, we had specifically deliberated on the programs for the centenary year… From an organisational perspective, we discussed the expansion of Sangh… pic.twitter.com/E1x8WofLz4 — ANI (@ANI) March 15, 2026
औपनिवेशिक मानसिकता खत्म करना प्राथमिकता- होसबले
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि समाज से औपनिवेशिक मानसिकता को समाप्त करना संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि समाज की सज्जन शक्तियों को एक मंच पर लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शताब्दी वर्ष के अवसर पर व्यापक गृह संपर्क अभियान भी चलाया गया है। युवाओं को जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। उन्होंने जानकारी दी कि पोर्ट ब्लेयर में आयोजित कार्यक्रम में अंडमान के नौ द्वीपों से करीब 13 हजार लोग शामिल हुए।
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देशभर में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। अरुणाचल प्रदेश में अब तक करीब 37 हजार लोग विभिन्न आयोजनों में भाग ले चुके हैं। गुरु तेग बहादुर के स्मरण में 2134 कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लगभग सात लाख लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि अप्रैल से जून के बीच 15 से 21 दिन के 75 विशेष प्रशिक्षण वर्ग आयोजित होंगे और संगठन विस्तार के लिए प्रांतों की जगह आगे 80 से अधिक संभाग बनाए जाएंगे।
