राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए रतन टाटा, CM की मौजूदगी में अंतिम संस्कार
दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा का पार्थिव पंचतत्व में विलीन हो गया है। देश के गृहमंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार वर्ली स्थित श्मशान घाट पर किया गया। 86 साल की उम्र में रतन टाटा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।
- Written By: अनिल सिंह
मुंबई: रतन टाटा के निधन की वजह से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। उनकी शोहरत का अंदाजा सिर्फ इस बात से लगाया जा सकता है कि व्हाट्सएप के स्टेटस में आज सिर्फ और सिर्फ रतन टाटा ही दिख रहे हैं ऐसे में यह कहा जा सकता है कि वह सिर्फ एक उद्योगपति नहीं बल्कि भारत के जननायक थे। जिन्होंने सियासी दुनिया में कभी भी कम नहीं रखा लेकिन वह देश में सभी लोगों के प्रेरणा का स्रोत बने रहे।
रतन टाटा के अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव मुंबई के नरीमन पॉइंट में नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स के लॉन में रखा गया था, जहां बॉलीवुड के कई सेलिब्रिटी महाराष्ट्र और देश भर के कई बड़े नेता उनके अंतिम दर्शन के लिए इकट्ठा हुए थे। सभी ने हाथ जोड़कर रतन टाटा के अंतिम दर्शन किए। इसके बाद उनके पार्थिव को वर्ली के श्मशान घाट ले जाया गया।
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मुंबई के वर्ली स्थित श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा का अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर देश के गृह मंत्री अमित शाह और राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत देश और राज्य के बड़े नेता ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। रतन टाटा ने टाटा उद्योग को एक नए मुकाम पर पहुंचा था। बड़ा उद्योगपति होने के बावजूद वह जमीन से जुड़े रहते थे और उनकी सादगी भरे जीवन की चर्चा मीडिया में भी खूब होती थी, यही कारण था कि वह उद्योगपति होने के बावजूद देश में कई लोगों के प्रेरणा स्रोत बने। इसलिए उन्हें उद्योगपति ही नहीं बल्कि जननायक भी कहा जा सकता है। रतन टाटा के जैसा शख्सियत किसी भी क्षेत्र में कम ही देखने को मिलता है यही कारण है कि देश में बच्चा, जवान और बुजुर्ग सभी रतन टाटा से प्यार करते हैं।
