पूर्व सांसद और VHP के दिग्गज नेता राम विलास वेदांती का निधन, कोहरे के कारण नहीं पहुंची एयरएंबुलेंस
Ram Vilas Vedanti Dies: राम मंदिर आंदोलन के अग्रणी संत पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 67 साल के थे। मध्यप्रदेश के रीवा में उन्होंने अंतिम सांस ली।
- Written By: अर्पित शुक्ला
पूर्व सांसद और VHP के दिग्गज नेता राम विलास वेदांती का निधन, कोहरे के कारण नहीं पहुंची एयरएंबुलेंस
Ram Vilas Vedanti Passes Away: भारतीय जनता पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से पूर्व लोकसभा सांसद राम विलास वेदांती का सोमवार को 67 वर्ष की उम्र में खराब स्वास्थ्य के चलते निधन हो गया। सोमवार को अचानक उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ गई। रीवा से दिल्ली ले जाने के लिए एयर एंबुलेंस पहुंची, लेकिन घने कोहरे के कारण वह लैंड नहीं कर सकी। कुछ ही समय बाद उनका निधन हो गया। यह जानकारी उनके उत्तराधिकारी महंत राघवेश दास वेदांती ने दी। उन्होंने बताया कि महाराज जी का पार्थिव शरीर आज अयोध्या लाया जा रहा है।
रामविलास दास वेदांती, हनुमानगढ़ी के महंत अभिराम दास के शिष्य थे। वे अयोध्या में हिंदू धाम नया घाट पर निवास करते थे। उनका एक आश्रम वशिष्ठ भवन भी है। रामलला और हनुमानगढ़ी के समक्ष उन्होंने कई दशकों तक रामकथा का वाचन किया। उन्हें संस्कृत का विशिष्ट विद्वान माना जाता था।
राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल
विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता रहे वेदांती अपनी ओजस्वी वाक्पटुता के लिए पहचाने जाते थे। वे राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे और इसके समर्थन में कई रैलियों व कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने प्रतापगढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था, जहां 1998 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार और तत्कालीन सांसद राजकुमारी रत्न सिंह को 68,460 मतों से पराजित किया था।
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शोक संवेदनाओं का तांता
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वेदांती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका निधन सनातन धर्म के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है और उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश, धर्म और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम भगवान श्री राम से प्रार्थना करते हैं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल शिष्यों व अनुयायियों को यह गहरा दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।”
श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं श्री अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उनका जाना एक युग का अवसान है। धर्म, समाज व… — Yogi Adityanath (@myogiadityanath) December 15, 2025
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने जताया शोक
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने भी वेदांती के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय समाज और भगवान राम के भक्तों के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि वेदांती का जीवन “संतत्व, देशभक्ति और धर्म के प्रति अडिग समर्पण का प्रतीक” रहेगा।
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उन्होंने X पर लिखा, “उनके जाने से एक युग समाप्त हो गया, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और दृढ़ निश्चय राम के करोड़ों भक्तों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे। हम भगवान श्री राम से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को अपने दिव्य चरणों में स्थान दें।”
