खरगे और जेपी नड्डा (Image- Social Media)
Parliament Session: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण देश में एलपीजी गैस की संभावित कमी को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। इस मुद्दे को लेकर सोमवार (16 मार्च) को संसद में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मुद्दे पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने उन्हें बीच में टोका। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष संकट के समय भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा है।
नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि यह स्थिति भारत की वजह से नहीं बनी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही सदन में विस्तार से जानकारी दे चुके हैं।
जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जनता को भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एक नेता सिलेंडरों की जमाखोरी करते हुए पकड़ा गया है। नड्डा ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसी परिस्थिति में भी राजनीति कर रहे हैं।
सरकार की ओर से हाल ही में कहा गया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक घरेलू एलपीजी रिफिल बुकिंग में हाल के दिनों में कमी आई है और यह करीब 77 लाख तक पहुंच गई है, जबकि 13 मार्च को यह 88.8 लाख थी।
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दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। युद्ध के दौरान ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते पर रोक लगा दी थी, जो भारत समेत कई देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति का एक अहम समुद्री मार्ग है। हालांकि हाल ही में ईरान ने दो भारतीय जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दे दी है और वे जल्द ही भारत पहुंचने वाले हैं। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और देश में ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।