राहुल कोलंबिया में तो अखिलेश कहां मना रहे हैं दशहरा, क्या बधाई देना भूल गए दिग्गज?

Dussehra 2025: दशहरे जैसे बड़े त्योहार पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी कोलंबिया में भारत के लोकतंत्र पर टिप्पणी कर रहे हैं और अखिलेश यादव की भी उपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानिए पूरा मामला।
rahul gandhi and akhilesh yadav
राहुल गांधी और अखिलेश यादव, फोटो- सोशल मीडिया
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Rahul Gandhi Foreign Trip: दशहरे के दिन जब देशभर में रावण दहन और विजय की खुशी मनाई जा रही थी, तब विपक्ष के कई बड़े नेता विदेश में थे या उनका कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नजर नहीं आया। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कोलंबिया में भारत के लोकतंत्र पर सवाल उठाते दिखे, तो समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को लेकर चर्चा रही कि वे भी देश में नहीं हैं, हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर दशहरे की बधाई जरूर दी।

राहुल गांधी ने कोलंबिया की ईआईए यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत में लोकतंत्र पर व्यापक हमला हो रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधताओं को बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक प्रणाली बेहद जरूरी है, लेकिन मौजूदा समय में वह खतरे में है। राहुल ने भारत की तुलना चीन से करते हुए कहा कि भारत की संरचना ज्यादा जटिल है और यहां लोकतंत्र को और मजबूती की जरूरत है।

भाजपा ने कसा तंज

बीजेपी ने राहुल गांधी के इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी भारत को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल के बयानों में हमेशा ‘चीन के प्रति झुकाव’ दिखता है और वो देश के अंदर और बाहर, हर जगह भारत को नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं।

विजयादशमी की बधाई नहीं दी

बीजेपी नेताओं ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को कम से कम विजयादशमी जैसे पावन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं देनी चाहिए थीं, लेकिन उन्होंने इसके बजाय भारत पर सवाल खड़े किए।

अखिलेश विदेश में? विपक्ष की चुप्पी पर सवाल

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की दशहरे के दिन उपस्थिति को लेकर भी चर्चाएं हैं। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दशहरे की शुभकामनाएं तो दीं, लेकिन वे कहां हैं, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वे भी देश से बाहर हो सकते हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

बीजेपी ने विपक्ष पर बोला हमला

बीजेपी ने दोनों नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब पूरा देश बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मना रहा था, तब विपक्ष के बड़े चेहरे देश से दूर या चुप थे। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि यह दर्शाता है कि विपक्ष न तो जनता के साथ खड़ा है और न ही भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव रखता है।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं की दशहरे पर विदेश में मौजूदगी या सक्रियता की कमी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। बीजेपी इसे देशविरोधी मानसिकता बता रही है जबकि विपक्ष ने अभी इस पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

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