वोट चोरी देशद्रोह...SIR विवाद पर राहुल गांधी ने BJP, RSS और चुनाव आयोग को घेरा, बोले- समय आने पर पकड़ेंगे

Election Commission SIR Controversy: राहुल गांधी ने वोट चोरी को संविधान पर हमला बताया। SIR प्रक्रिया पर दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और भाजपा पर सवाल उठाए।
Rahul Gandhi on Vote Chori
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी(सोर्स- @RahulGandhi)
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Rahul Gandhi on Vote Chori: लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को चुनाव आयोग पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘वोट चोरी’ भारतीय जनता के खिलाफ एक अपराध और संविधान पर हमला है। उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साध रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची प्रक्रिया से जुड़े फैसलों पर कई बार आपत्ति जताई थी।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि वोट चोरी भारतीय जनता के खिलाफ एक अहराध है और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। BJP, RSS और EC जिन्होंने इसे किया, उन्होंने देशद्रोह का काम किया है। न्याय मिलेगा।

राहुल गांधी ने वोट चोरी पर क्या कहा? 

राहुल गांधी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा चुनाव आयोग और चुनाव के अधिकारी को संबोधित करते हुए कहा, मैं चुनाव आयोग और चुनाव के अधिकारी से साफ-साफ कह रहा हूं। आप जो कर रहे हैं वह गलत है। यह देशद्रोह है, यह देश के खिलाफ है। यह मत भूलना। समय आएगा। हम तुम्हें पकड़ लेंगे। तुम्हें बख्शा नहीं जाएगा।

SIR को लेकर क्या है ताजा विवाद? 

इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और आदेश पर 10 महीनों में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई है। हालांकि, निर्वाचन आयोग के जुड़े सूत्रों ने रिपोर्ट को खारिज करने की कोशिश करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के सभी फैसले, जिसमें SIR से जुड़े फैसले भी शामिल हैं, चुनाव आयुक्त और मुख्य चुनाव आयुक्त दोनों की मंजूरी से एकमत से लिए गए थे।

कौन चला रहा है चुनाव आयोग: मनीष तिवारी 

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि  आज जो खबर एक अखबार में छपि है, अगर उसके तथ्य ठीक हैं तो एक बड़ा सवाल पैदा होता है कि चुनाव आयोग को चला कौन रहा है? अगर दो चुनाव आयुक्त लगातार आपत्तियां दर्ज करते रहे हैं और उनकी आपत्तियों के बावजूद चुनाव आयोग SIR को क्रियान्वित करता रहा है तो ये सवाल पैदा होता है। ...

...तो SIR को फैसला गैर-संवैधानिक

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग के नियम कहते हैं कि हर फैसला या तो सर्वसम्मति से लिया जाना चाहिए और यदि ऐसा नहीं होता तो बहुमत से लिया जाना चाहिए। अगर खबर सही है और दो चुनाव आयुक्त लगातार आपत्तियां दर्ज करते रहे हैं तो इसका मतलब ये है कि चुनाव आयोग के सभी फैसले, खासकर जो SIR से संबंधित हैं, वह गैर-कानूनी और गैर-संवैधानिक हैं।  उनका कोई औचित्य नहीं है। 

तिवारी ने कहा जो काम या जो प्रक्रिया संसद को करनी चाहिए, वो प्रक्रिया चुनाव आयोग खुद कर रहा था और दो चुनाव आयुक्तों के द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद भी ये सारे काम हुए तो यह बहुत गंभीर विवाद खड़ा करता है। अगर ये तथ्य प्रमाणित होते हैं तो एक महाभियोग का मामला बनता है।  

भाजपा ने खोला लोकतंत्र की हत्या का कार्यालय

कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा ने खोला है, लोकतंत्र की हत्या का कार्यालय। एक तरफ लगाया है CEC को और एक तरफ गृह मंत्रालय ये अत्यंत महत्वपूर्ण और गंभीर मुद्दा है, हमारे गणतंत्र के लिए घातक है। हम एक बाहरी बुलडोजर को पहले से जानते हैं। हमने देखा है कि कैसे वह बुलडोजर अलग-अलग संस्थाओं पर हमला करता रहा है। चुनाव आयोग के अंदर भी एक आंतरिक बुलडोजर भी है। दो बुलडोजर की सरकार कितनी हानिकारक हो सकती है, ये उसी विषय में है। 

Rahul Gandhi on Vote Chori
SIR: 10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट, चुनाव आयोग ने दावों पर दी सफाई, कहा- सर्वसम्मति से लिए गए फैसले

उन्होंने कहा कि कई साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि चुनाव आयोग एक मल्टी-मेंबर बॉडी है। कोर्ट ने साफ कहा था कि सभी चुनाव आयुक्त बराबर हैं। CEC दूसरे चुनाव आयुक्तों से ऊपर नहीं है। CEC बस बराबर वालों में पहला है। आज जो बातें सामने आई हैं, उनसे पता चलता है कि CEC ने न सिर्फ देश को गुमराह किया या संवैधानिक मूल्यों को कमजोर किया। ऐसे काम वह काफी समय से कर रहे हैं, बल्कि उन्होंने अपने साथियों को भी गुमराह किया।

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