संसद में हंगामा, मनीष तिवारी ने एंटी-डिफेक्शन लॉ और मणिकम टैगोर ने NEET मुद्दे पर दिया स्थगन प्रस्ताव

Congress Adjournment Motion: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने एंटी-डिफेक्शन लॉ पर चर्चा और मणिकम टैगोर ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
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कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Congress Adjournment Motion In Lok Sabha: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की ओर से सोमवार को लोकसभा महासचिव को एक पत्र लिखकर 'दल-बदल विरोधी कानून' के स्वरूप पर चर्चा करने की मांग की गई है।

दल-बदल कानून पर चर्चा की मांग

मनीष तिवारी ने पत्र में लिखा कि वो तत्काल महत्व के एक निश्चित विषय पर चर्चा करने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही स्थगित करने का प्रस्ताव पेश करने की अनुमति मांगने के अपने इरादे की सूचना देता हूं। मेरा प्रस्ताव है कि यह सदन प्रश्नकाल, शून्यकाल और दिन के अन्य सभी निर्धारित कार्यों को स्थगित करे, ताकि एक नए दल-बदल विरोधी कानून के स्वरूप पर चर्चा की जा सके।"

मनीष तिवारी ने आगे लिखा कि यह कानून अवसरवाद से प्रेरित और बिना किसी वास्तविक वैचारिक या नीतिगत मतभेद के बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दल-बदल को रोके, और साथ ही संसद व विधानसभाओं के भीतर और बाहर ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति के लिए भी गुंजाइश रखे। इसलिए, मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि आज की कार्यवाही स्थगित की जाए और तत्काल महत्व के इस विषय पर पूरी चर्चा की अनुमति दी जाए।

कांग्रेस सांसदों की बैठक

बता दें कि कांग्रेस के लोकसभा सांसद विपक्ष के फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी लेने के लिए सुबह 10:30 बजे बैठक करेंगे।

नीट पेपर लीक मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव की मांग

वहीं, तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा सांसद मणिकम टैगोर की ओर से भी स्थगन प्रस्ताव पेश करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में नीट पेपर लीक मामले को उठाया गया। पत्र में उन्होंने लिखा, "रिपोर्टों से पता चलता है कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इसके खिलाफ कोई ठोस या सामूहिक कार्रवाई नहीं की गई है।"

मणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव पेश करने के लिए पत्र में आगे लिखा, "केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की स्पष्ट विफलता के बावजूद, वे बिना किसी नैतिक जिम्मेदारी के अपने पद पर बने हुए हैं, जो मंत्री की जवाबदेही के बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन है। तमिलनाडु में इस मुद्दे से सीधे जुड़ी आत्महत्या की घटनाएं हुई हैं। जहां मंत्री और अधिकारी छात्रों और परिवारों को परेशान कर रहे हैं।"

कांग्रेस का सरकार पर हमला

उन्होंने पत्र में लिखा, "वहीं कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया है और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु में नीट से प्रभावित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी है, कांग्रेस सांसदों को पीड़ितों के परिवारों तक पहुंचने का निर्देश दिया है, और संसद के अंदर और बाहर नीट के शोषणकारी पहलुओं को खत्म करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।"

-IANS ऐजेंसी इनपुट

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