राुहल गांदी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Congress Samvidhan Sammelan: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस संविधान सम्मेलन में राहुल गांधी ने सरकार और आरएसएस पर जमकर हमला बोला उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कमियां थी जिस वजह से कांशीराम सफल हो पाए। साथ ही उन्होंने आगे कहा कि अगर कांग्रेस अपना काम करती तो कांशीराम कभी भी सफल नहीं हो पाते।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस दौरान सरकार पर जमकर हमला बोला और उन्होंने दलितों की भागीदारी पर भी सवाल उठाए इसके अलावा उन्होंने ‘जितनी आबादी, उतनी भागीदारी’ का नारा भी दिया।
कांशीराम को याद करते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आज हम कांशीराम को याद करते हैं। उनका जो संघर्ष था, उनका जो विजन था उनका जो देश की राजनीति पर असर था उसको हम याद करते हैं और दिल से धन्यवाद करते हैं।
#WATCH लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लोकसभा सांसद और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संविधान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “आज हम कांशीराम को याद करते हैं। उनका जो संघर्ष था, उनका जो विजन था उनका जो देश की राजनीति पर असर था उसको हम याद करते हैं और दिल से धन्यवाद करते हैं।” (सोर्स: राहुल… pic.twitter.com/q2q9S58REu — ANI_HindiNews (@AHindinews) March 13, 2026
इसके अलावा केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज किसी भी बड़े अस्पताल में पिछड़ा, दलित या फिर आदिवासी डॉक्टर नहीं मिलेगा। जबकि संविधान जितनी आबादी उनती भागीदारी की बात कहता है। साथ ही उन्होंने मनरेगा को लेकर कहा कि मनरेगा लिस्ट देखिए उसमें 85 परसेंट पिछड़ा, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक मिल जाएंगे।
राहुल गांधी ने इस मौके पर आरएसएस को भी जमकर टारगेट किया उन्होंने कहा कि कि संगठन की वरिष्ठ पदाधिकारियों की सूची देखने पर उसमें ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों का प्रतिनिधित्व नहीं दिखाई देता। आरोप लगाया गया कि देश की 85 प्रतिशत आबादी को बराबरी का हक नहीं मिल रहा और सत्ता व संसाधनों के बंटवारे में उन्हें पीछे रखा जाता है जो संविधान की भावना के खिलाफ बताया गया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने अपने रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि आज हमारी एनर्जी सिक्योरिटी कॉम्प्रोमाइज हो गई है। जिसको ऑयल मिनिस्टर बनाया, वो पहले कॉम्प्रोमाइज है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अंबेडकर, गांधी जी कांशीराम और सावरकर सबमें बहुत फर्क है। गांधी, अंबेडकर और कांशीराम ने कॉम्प्रोमाइज नहीं किया वो कह ही नहीं सकते थे।