

Highlights:
राहुल गांधी ने CJP नेताओं की हिरासत पर बीजेपी सरकार की आलोचना की।
सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत मिली।
अजिंक्य शिंदे को पांच हजार रुपये का बॉन्ड भरने पर रिहा किया गया।
राहुल गांधी ने शांतिपूर्ण विरोध को संवैधानिक अधिकार बताते हुए समर्थन जताया।
Rahul Gandhi Supports CJP: कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस पर लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी और मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना कोई जुर्म नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है।
कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध में तिरंगा लहराना कोई जुर्म नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक, अलग-अलग बैनर, एक मकसद, सभी विरोध एक हैं। यह पहली बार है जब कांग्रेस नेता ने खुलकर पहली बार सीजेपी का समर्थन किया है।
जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना अपराध नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध में जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता का काम है। छात्र, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक, अलग-अलग बैनर के एक ही कारण है कि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस लेंगे।
तिहाड़ भेजे गए सौरव-आशुतोष रांका
आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को बिना अनुमति जंतर-मंतर इलाके में घुसने के आरोप में मंगलवार को प्रिवेंटिव कस्टडी में लिया गया था। बुधवार सुबह उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया।
मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के दौरान आशुतोष रांका और सौरव दास को शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन करने और जंतर-मंतर में घुसपैठ का दोषी करार देते हुए पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया है। वहीं, अजिंक्य शिंदे से 5,000 का एक बॉन्ड साइन करवा कर रिहा कर दिया गया। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन वाली जगह के तौर पर मान्यता नहीं दी गई है।
देश में सरकार ने लगाई अनौपचारिक इमरजेंसी
आशुतोष रांका और सौरव दास को तिहाड़ भेजे जाने के फैसले पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि अगर आप देश में इमरजेंसी लगाना चाहते हैं, तो आधिकारिक रूप से लगाएं।
उन्होंने आगे कहा कि आप अनौपचारिक इमरजेंसी क्यों चला रहे हैं, जहां लोगों को सिर्फ जंतर-मंतर पर देश का झंडा लहराने पर पांच दिन की जेल में भेज दिया जाता है? ऐसी चीजें तो इमरजेंसी में भी नहीं हुईं। अगर आपमें दम है, तो इमरजेंसी को आधिकारिक घोषित करें।
डरी हुई है मोदी सरकार: दीपके
दीपके ने आगे कहा कि, ये लोग (मोदी सरकार) बहुत डरपोक हैं जो पुलिस के पीछे छिपे हैं। कल से, सौरव दास और आशुतोष रांका को गैर-कानूनी तरीके से कैद में रखा गया है और उन्हें अपने वकीलों से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। उनका जुर्म क्या था?
इसके अलावा उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सौरव और आशुतोष को यह पता था कि उन्हें जेल हो सकती है, फिर भी वे जंतर-मंतर गए और गर्व से तिरंगा फहराया। उन्होंने पूरे देश को दिखा दिया है कि मोदी जैसे गुंडे का सामना करने का एक ही तरीका है कि कभी झुकें नहीं, चाहे नतीजा कुछ भी हो।