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सोना महापात्रा ने लोकतंत्र को लेकर राहुल गांधी पर साधा निशाना।
सिंगर ने लोकतंत्र सुधारने से पहले हिमाचल प्रदेश पर ध्यान देने की नसीहत दी।
सोना महापात्रा की इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।
Sona Mohapatra Controversy: देश की राजनीति में इन दिनों लोकतंत्र और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर बहस गर्म है, तो वहीं दूसरी तरफ फिल्म स्टार्स भी अब खुलकर अपनी बेबाक राय सामने रख रहे हैं। राहुल गांधी द्वारा लोकतंत्र की बहाली को लेकर दिए गए बयानों पर सोना महापात्रा ने करारी टिप्पणी की है।
सोना महापात्रा का यह बयान सोशल मीडिया पर आते ही जंगल की आग की तरह फैल गया है। उन्होंने कांग्रेस शासित राज्य की जमीनी हकीकत को सामने लाते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिससे राजनीतिक में खलबली मच गई है।
अपॉजिशन पार्टी के नेता अक्सर देश की व्यवस्था और संस्थाओं में सुधार की मांग को लेकर मुखर नजर आते हैं। इसी कड़ी में राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए आने वाले समय में लोकतंत्र की मरम्मत करने की बात कही थी।
इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए सोना महापात्रा ने उन्हें सीधी नसीहत दी। उनका कहना है कि दूसरों को ज्ञान देने से बेहतर है कि नेता पहले अपनी पार्टी द्वारा शासित राज्यों की दशा सुधारने पर ध्यान दें।
सोना महापात्रा ने अपने अनुभव शेयर करते हुए बताया कि वे लंबे गैप के बाद हाल ही में हिमाचल प्रदेश गई थीं। वहां के हालात ने उन्हें अंदर से झकझोर कर रख दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि 9 साल बाद राज्य में लौटने पर उन्हें हर तरफ कचरे से पटी पहाड़ियां और गंभीर रूप से मैली होती नदियां देखने को मिलीं। एक खूबसूरत पर्यटन राज्य की इस तरह की दुर्दशा किसी भी संवेदनशील नागरिक को परेशान करने के लिए काफी है, और यही बात सोना को भी नागवार गुजरी।
सोना महापात्रा ने अपनी इस तीखी टिप्पणी के जरिए सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका मानना है कि राजनीतिक दलों को जनता से केवल वोट मांगने या सत्ता हासिल करने की होड़ में नहीं रहना चाहिए।
इसके बजाय उन्हें अपने शानदार कामकाज और नीतियों के जरिए आम जनता का सच्चा विश्वास जीतना चाहिए। जब तक अपने घर की हालत ठीक नहीं होती, तब तक बड़े मंचों से लोकतंत्र सुधारने के दावे खोखले प्रतीत होते हैं।