जन्मदिन विशेष: कैसे हुई राहुल गांधी की सियासी एंट्री, क्यों तीन साल तक लंदन में नाम बदलकर किया काम?
रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज यानी गुरुवार 19 जून को अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर हम आपके लिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से लेकर आए हैं।
- Written By: अभिषेक सिंह
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी आज यानी गुरुवार 19 जून को अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ साथ अन्य लोग भी उन्हें जन्मदिन की बधाई दे रहे हैं। राहुल गांधी के जन्मदिन के मौके पर हम आपके लिए उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से लेकर आए हैं।
कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में हुआ था। अगर हम कहें कि राहुल गांधी एक राजनीतिक वंश के मुख्य उत्तराधिकारी हैं तो यह कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें अपना नाम तक बदलना पड़ा।
राहुल गांधी की राजनैतिक विरासत
राहुल गांधी के परिवार की बात करें तो उनके परदादा यानी दिवंगत और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले और सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं। वहीं उनकी दादी इंदिरा गांधी भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। इतना ही नहीं उनके पिता राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री रह चुके हैं।
सम्बंधित ख़बरें
‘कोई महिला इन्हें माफ नहीं करेगी..,’ बिल गिरने पर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्ष को दी चेतावनी
तमिलनाडु में बिहार मॉडल दोहराएगी BJP! राहुल गांधी का सनसनीखेज दावा, बताया क्यों कमजोर हुई AIADMK?
पवन खेड़ा ने खटखटाया गुवाहाटी हाईकोर्ट का दरवाजा, असम पुलिस की FIR ने बढ़ाई मुश्किलें; जानें पूरा मामला
मुर्शिदाबाद में कांग्रेस नेता के घर जोरदार धमाका, छत पर छिपाकर रखे गए थे बम! घर छोड़कर भागा परिवार
राहुल गांधी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद वे देहरादून के प्रतिष्ठित द दून स्कूल गए। राहुल गांधी ने प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद कांग्रेस नेता ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल की डिग्री हासिल की।
क्यों राउल विंसी बने राहुल गांधी?
साल 1983 की बात है। जब पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान राहुल गांधी को घर पर ही रहकर पढ़ाई करनी पड़ी। इसके बाद प्रधानमंत्री बने राहुल के पिता राजीव गांधी की भी हत्या कर दी गई। इसलिए सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी को अपना नाम बदलकर उच्च शिक्षा पूरी करनी पड़ी।
ग्रेजुएशन के बाद राहुल ने करीब तीन साल तक लंदन के मॉनिटर ग्रुप में काम किया। यह कंपनी मैनेजमेंट गुरु माइकल पोर्टर की कंसल्टिंग फर्म थी। यही वो समय था जब राहुल गांधी की जान को भी खतरा माना जा रहा था। यही वजह है कि यहां भी उन्होंने राउल विंसी के नाम से काम किया।
2017 में बने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष
साल 2004 में राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में कदम रखा। राहुल ने अपने पिता पूर्व प्रधानमंत्री और दिवंगत राजीव गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। इस चुनाव में राहुल एक लाख से ज्यादा वोटों से जीतकर लोकसभा पहुंचे। राहुल गांधी को 2017 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष पद मिला था।
इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार स्मृति ईरानी से करारी हार का सामना करना पड़ा और यह हार सिर्फ राहुल गांधी की नहीं थी बल्कि पूरे देश में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहा। जिसके बाद हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
