जम्मू-कश्मीर के बाद अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बढ़ाईं दिल्ली LG की शक्तियां
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल की तरह अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ा दी हैं। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
(डिज़ाइन फोटो)
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अब दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) की शक्तियां बढ़ा दी हैं। ऐसे में अब LG राजधानी में ऑथॉरिटी, बोर्ड, कमीशन या वैधानिक निकाय का भी गठन कर सकेंगे। इसके साथ ही वे इन सभी निकायों में मेंबर्स की नियुक्ति भी कर सकेंगे। इससे पहले यह अधिकार दिल्ली सरकार के पास थे।
इसकी जानकारी गृह मंत्रालय ने बीते मंगलवार की देर रात नोटिफिकेशन जारी करके दी है। यह फैसला राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार अधिनियम, 1991 के तहत लिया गया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल को संसद की ओर से दिल्ली के लिए बनाए गए कानूनों के तहत ही यह अहम फैसला लिया है।
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इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि दिल्ली के उपराज्यपाल ऐसे प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या वैधानिक निकायों में सदस्यों की नियुक्ति भी कर सकते हैं। इस संबंध में गजट अधिसूचना प्रकाशित होने के तुरंत बाद उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) वार्ड समिति चुनावों के लिए पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति कर दी, क्योंकि महापौर शैली ओबेरॉय ने इससे पहले यह कहते हुए ऐसा करने से इनकार कर दिया था कि उनकी अंतरात्मा उन्हें ‘‘अलोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया” में भाग लेने की अनुमति नहीं देती।
वहीं मंत्रालय ने यह अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के साथ पठित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 (1992 का 1) की धारा 45डी के तहत जारी की है। अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली शासन अधिनियम, 1991 (1992 के 1) की धारा 45डी के साथ, संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के अनुसरण में राष्ट्रपति निर्देश देती हैं कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल, राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए तथा अगले आदेश तक उक्त अधिनियम की धारा 45डी के खंड (क) के अधीन राष्ट्रपति की शक्तियों का प्रयोग किसी प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या किसी वैधानिक निकाय के गठन के लिए करेंगे। चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, या ऐसे प्राधिकरण, बोर्ड, आयोग या किसी वैधानिक निकाय में किसी सरकारी अधिकारी या पदेन सदस्य की नियुक्ति के लिए करेंगे।” संविधान का अनुच्छेद 239 संघ राज्यक्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
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गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने इसी साल 13 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) की प्रशासनिक शक्तियां बढाईं थीं। ऐसे में अब दिल्ली की तरह जम्मू-कश्मीर में भी राज्य सरकार LG की मंजूरी के बिना अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर नहीं कर सकेगी। गृह मंत्रालय ने तब जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 55 के तहत बदले हुए नियमों को नोटिफाई किया था, जिसमें LG को ज्यादा ताकत देने वाली धाराएं जोड़ी गईं थी। उपराज्यपाल के पास अब पुलिस, कानून व्यवस्था और ऑल इंडिया सर्विस (AIS) से जुड़े मामलों में ज्यादा अधिकार पोषित होंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
