कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स-AI)
Premium vs Normal Petrol Difference: मिडिल ईस्ट में पिछले 20 दिनों से जारी युद्ध के बीच भारतीय तेल कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.35 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह नया रेट 20 मार्च की रात से लाूग हो जाएगा। हालांकि, आम आदमी को राहत देते हुए तेल कंपनियों ने नॉर्मल पेट्रोल की कीमतों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह कच्चे तेल की दाम में बेताहासा बढ़ोतरी बताई जा रही है। प्रीमियम और नॉर्मल पेट्रोल में क्या फर्क है और कौन सा पेट्रोल कितना फायदेमंद हैं? आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं।
प्रीमियम पेट्रोल लग्जरी और महंगा गाड़ियों या हेवी इंजन वाली गाड़ियों में इस्तेमाल किया जाता है। खासकर हाई कम्प्रेशन इंजन वाली कारों के लिए यह एक अच्छा फ्यूल होता है। प्रीमियम पेट्रोल की हाई ऑक्टेन संख्या इसे सामान्य पेट्रोल से अलग करती है।
आमतौर पर प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर 91 या उससे अधिक होता है। हाई ऑक्टेन नंबर के अलावा, प्रीमियम पेट्रोल में कुछ एडिटिव्स भी होते हैं। ये एडिटिव्स हाई कम्प्रेशन इंजन को स्मूथ तरीके से चलाने में मदद करते हैं और गंदगी जमा नहीं होने देते। इसके इस्तेमाल से इंजन में आवाज नहीं होती है।
अब सवाल उठता है कि यह ऑक्टेन नंबर क्या है। ऑक्टेन नंबर फ्यूएल की एंटी-नॉकिंग क्वालिटी होती है। यह समय से पहले इंजन में फ्यूएल इग्नीशन को रोकता है। आसाना शब्दों में कहें तो हाई ऑक्टेन नंबर से इंजन में नॉकिंग कम होती है। नॉकिंग का मतलब होता है इंजन में फ्यूएल का समय से पहले इग्नीशन। इसलिए हाई ऑक्टेन वाला पेट्रोल हाई परफॉर्मिंग या लग्जरी कारों के लिए बेहतर माना जाता है। इसी वजह से प्रीमियम पेट्रोल सामान्य पेट्रोल से महंगा होता है।
प्रीमियम पेट्रोल ज्यादा क्षमता यानी हैवी इंजन वाले वाहनों के लिए बेहतर होते हैं। क्योंकि, इसके इस्तेमाल से इन गाड़ियों में इंजन का परफर्मेंस बेहतर होता है और इंजन की आवाज कम होती है। वहीं सामान्य कारों के लिए प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल खास फायदेमंद नहीं होता है।
प्रीमियम पेट्रोल की तुलना में नॉर्मल पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग काफी कम होती है। सामान्य पेट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग 87 होती है। इसके साथ ही, प्रीमियम पेट्रोल के विपरीत, सामान्य पेट्रोल में कोई एडिटिव्स नहीं होते हैं। इन कारणों से ही सामान्य पेट्रोल की कीमत प्रीमियम पेट्रोल की तुलना में कम होती है। सामान्य कारों के लिए किफायती होने के कारण नॉर्मल पेट्रोल सबसे अच्छा विकल्प है। नॉर्मल गाड़ियों के लिए प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी नहीं है।
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प्रीमियम पेट्रोल से हाई-परफॉर्मेंस इंजन वाली कारों में माइलेज में थोड़ा सुधार हो सकता है, लेकिन सामान्य कारों में यह अंतर नहीं दिखता है। प्रीमियम पेट्रोल में मिलाए गए एडिटिव्स समय के साथ इंजन को साफ रखने में मदद कर सकते हैं और इस वजह से इंजन से कम आवाज आती है और गाड़ी स्मूथ तरीके से चलती है।