(डिज़ाइन फोटो)
हाथरस: जहां उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में हुए सत्संग में मची भयंकर भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर अब पुलिस की गिरफ्त में है। वहीं, भोले बाबा पक्ष के वकील का दावा है कि देव ने खुद पुलिस के सामने सरेंडर किया है। देव प्रकाश हादसे वाले दिन से ही फरार था। पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस FIR में भी हादसे का मुख्य आरोपी देव प्रकाश को ही बनाया गया था। इसी ने पूरे सत्संग आयोजन की कमान संभाली हुई थी। इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई थी।
खबरों की माने तो देव प्रकाश देवधर हाथरस जिले के सिकंदराराऊ की मोहल्ला दमदपुरा नई कॉलोनी का रहवासी है। वह एटा जिले की अवागढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत सलेमपुर गादरी के मजरा सलेमपुर का मुलनिवासी है। आज भी गांव में उसकी संपत्ति बताई जा रही है। वहां देव प्रकाश के माता-पिता भी रहते हैं। साल 2014 में अपना पैतृक गांव छोड़कर देव प्रकाश सिकंदराराऊ में जाकर रहने लगा था।
यह भी खबर है कि, देव प्रकाश एटा जिले में मनरेगा में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत है। वह काफी सालों से नारायण साकार हरि के सत्संगों से जुड़ा रहा है। वहीं 10 साल पहले सिकंदराराऊ आते ही उसकी रूचि भोले बाबा में और ज्यादा बढ़ गई। वह बाबा के मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम समिति से जुड़ा है और बढ़चढ़ कर सत्संगों के कामों में भाग लेता आया है।
उसकी यही लग्न और निष्ठा को देखते हुए नारायण साकार हरि ने उसे मुख्य सेवादार की जिम्मेदारी दे दी थी। अब 123 मौतों का मुख्य आरोपी मानते हुए पुलिस ने देव प्रकाश को ही गिरफ्त में लिया है। मनरेगा में उसके खिलाफ सेवा समाप्ति की भी कार्रवाई जारी है। हालांकी भोले बाबा पक्ष के वकील के अनुसार वह एक इंजीनियर और हृदय रोगी हैं। वकील ने कहा कि, चिकित्सकों की राय में उसकी हालत अब स्थिर है और इसलिए जांच में शामिल होने के लिए उसने आत्मसमर्पण किया है।
हाल ही में, सुप्रीम कोर्च के वकील ने दावा किया था कि मधुकर उन सूरजपाल उर्फ नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा का प्रतिनिधित्व करता है, जिनकेसत्संग में भगदड़ मची थी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने मधुकर की गिरफ्तारी के लिए मदद करने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी। इस मामले में बीते गुरुवार तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।