'वॉकल फॉर लोकल' से भारत बनेगा आत्मनिर्भर, PM मोदी की 'मन की बात'

Pm modi mann ki baat : 'मन की बात' के 124वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने 'वोकल फॉर लोकल' और स्वच्छ भारत मिशन के साथ ही कई मद्दों पर चर्चा की।
पीएम मोदी की 'मन की बात'
सौजन्य (सोशल मीडिया)
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Prime Minister Narendra Modi : हर रविवार की तरह इस रविवार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को 'मन की बात' कार्यक्रम के तहत संबोधित किया। 'मन की बात' के 124वें एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में स्पोर्टस, साइंस और संस्कृति में बहुत कुछ ऐसा हुआ है, जिस पर देशवासियों को गर्व है। उन्होंने शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष से सफल लैंडिग से लेकर स्वच्छ भारत मिशन, चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग और 'वोकल फॉर लोकल' जैसे कई मुद्दों पर अपने विचार सभी के साथ साझा किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वच्छ भारत मिशन' पर चर्चा करते हुए कहा कि, 'स्वच्छ भारत मिशन' जल्द ही अपने 11 साल पूरे करने जा रहा है, लेकिन इसकी जरूरत आज भी उतनी ही बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कभी कभी कुछ लोगों को कोई काम असंभव लगता है। लेकिन जब पूरा देश एक सोच पर एकजुत हो जाता है, तो हर असंभव काम संभव हो जाता है। 'स्वच्छ भारत मिशन' इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

PM ने की भोपाल की 'सकारात्मक सोच टीम' की तारीफ

इसके साथ ही पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश कि राजधानी भोपाल की 'सकारात्मक सोच टीम' की भी सराहना की। उन्होनें कहा कि 'सकारात्मक सोच टीम' 200 महिलाओं की है, जो 17 पार्कों की एक साथ सफाई करने साथ ही लोगों को जागरूक करने का भी काम करती है। ऐसे ही प्रयासों के बदौलत भोपाल स्वच्छता सर्वेक्षण में काफी आगे बढ़ा है।

अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला की वापसी पर की चर्चा

वहीं, पीएम ने कहा कि हाल ही में अंतरिक्ष से शुभांशु शुक्ला की वापसी पर देश में खुब चर्चा हुई। जैसे ही शुभांशु शुक्ला धरती पर उतरे हर दिल में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। मुझे याद है जब अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग हुई थी, तब भी देश में एक नया महौल बना था। बच्चों में तब विज्ञान और अंतरिक्ष को लेकर एक नई जिज्ञासा पैदा हुई थी।

देशवासियों से की अपील

'वॉकल फॉर लोकल' को लेकर पीएम ने कहा कि विकसित भारत का रास्ता 'आत्मनिर्भरता' से होकर गुजरता है। 'वॉकल फॉर लोकल' 'आत्मनिर्भरता भारत' का सबसे मजबूत आधार है। आगे उन्होने कहा कि भारत में मौजूद किले सिर्फ ईंट-पत्थर नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति के प्रतीक हैं। सभी देशवासियों को इन किलों की यात्रा करनी चाहिए और अपने इतिहास को जानना चाहिए।

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